नैनीताल : अपनी संस्कृति एवं कुमाँऊनी भाषा को जीवंत रखना होगा। दीपा बिष्ट।

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स्थान। नैनीताल उत्तराखंड।

रिपोर्ट। ललित जोशी।
नैनीताल। सरोवर नगरी व उसके आसपास एवं जनपद नैनीताल समेत देश , प्रदेश में अधिकांश क्षेत्रों में श्री राम तिलक, राम राज्याभिषेक के साथ ही रामलीला मंचन का समापन हो गया।
इधर सरोवर नगरी नैनीताल में श्री राम सेवक सभा,आदर्श कमेटी रामलीला सूखाताल, तल्लीताल रामलीला में भी रामलीला का समापन हो गया है।
यहाँ नव सांस्कृतिक सत्संग समिती शेर का डांडा रामलीला मैदान में देर रात श्री राम तिलक एवं राम राज्याभिषेक आरती एवं पूजा अर्चना के साथ रामलीला मंचन का समापन मुख्य अतिथि अवकाश प्राप्त बुजुर्ग महिला शिक्षिका दीपा बिष्ट ने पूजा अर्चना कर दण्डवत प्रणाम किया। उन्होंने कुमाऊंनी भाषा में सम्बोधित करते हुए कहा आज हम अपनी संस्कृति एवं कुमाऊंनी भाषा को बिल्कुल भूल गये हैं। उन्होंने आमजनमानस का आह्वान किया अपनी कुमाऊनी भाषा को जीवंत रखना होगा। उन्होंने इस दौरान तुलसीदास के बारे में भी अवगत कराया।तथा उनके दोहों को भी सुनाकर कर दर्शकों से ज्ञान लेने की बात कही। उन्होंने अपनी कुमाऊनी भाषा में सम्बोधित करते हुए कहा आज हमरी चेली भोत भल काम करनी उ हर जाग में जाणी भोत भल लागूँ। उनल को हमरी कुमाऊँ भाषा सब जग अलग अलग छू।हमुक के आपणी भाषा उण चे।आज हमरी तो कुमाऊनी भाषा बिल्कुल ले विलुप्त हेते जाने । नांतिनो के त भाषा उण चे।उनल सब रामलीला करने वाले रंगकर्मियों एवं सहयोगियों को भी हौसला अफजाई की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि नगर पालिका के सभासद जितेंद्र कुमार पांडे,रमेश प्रसाद, एवं पूर्व नगर पालिका के सभासद दीपक कुमार भोलू, एवं समाजसेविका निर्मला पांडे,समेत नव सांस्कृतिक सत्संग समिती शेर का डांडा
अध्यक्ष खुशाल सिंह रावत, महासचिव पूरन चन्द्र पांडे समेत तमाम सदस्य गण मौजूद रहे। इस अवसर पर सभी पात्र कलाकारों एवं सहयोगियों को भगवान राम प्रसाद एवं पुरुस्कारो से भी नवाजा गया।

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