आज असदुद्दीन ओवैसी जी ने वक्तव्य दिया है कि -सेकुलरिज्म शब्द का प्रयोग मुसलमानों की बर्बादी के लिए किया गया है यह सिर्फ चुनाव में प्रयोग होता है जबकि हिंदू जागरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जितेंद्र खुराना जी का कहना हैं कि – सेकुलरिज्म का प्रयोग हिंदुओं को बर्बाद करने के लिए किया गया है, सेकुलरिज्म के नाम पर ही अल्पसंख्यक तुष्टिकरण किया जाता रहा है, सेकुलरिज्म के नाम पर ही फर्जी सच्चर कमेटी रिपोर्ट के आधार पर अल्पसंख्यकों को हिंदुओं से भी अधिक सुविधाएं छात्रवृतियां दी जा रही हैं जबकि गरीब हिंदू इन सब से वंचित है सेकुलरिज्म के नाम पर ही हिंदू मंदिरों के को अधिग्रहण करने के लिए कानून बनाए गए और राज्य सरकारों ने अधिग्रहण में लिया। आज मंदिरों का पैसा राज्य सरकारें अपने राज्य के बजट में डाल देती हैं जबकि वह हिंदुओं का पैसा है और मात्र हिंदू समाज और हिंदू धर्म पर खर्च होना चाहिए चाहिए इसलिए आज आवश्यकता है कि सरकार सेकुलरिज्म की परिभाषा को निर्धारित करें। आज हिंदू युवा राजनीति से दूर भागते हैं जबकि हिंदुओं को राजनीति में अधिक से अधिक भाग लेना चाहिए राजनीति में अधिक से अधिक भाग लेकर ही हिंदू एक सशक्त सफल सुरक्षित भारत का निर्माण कर सकते हैं राजनीति करना प्रत्येक हिंदू का धार्मिक कर्तव्य है। ईश्वरीय वाणी वेद भी हमें सदा एक उन्नत, सुरक्षित, सफल शत्रुओं का नाश करने वाला राष्ट्र बनाने की शिक्षा देते हैं।