भारत के शीर्ष रक्षा अनुसंधान संस्थान डीआरडीओ ने अपने रुस्तम-2 की उड़ान का सफल परीक्षण किया। मध्यम ऊंचाई, लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम मानव रहित यान का कर्नाटक के चित्रदुर्ग में परीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका के प्रीडेटर ड्रोनों की तर्ज पर रुस्तम-2 को विकसित किया गया है ताकि यह सशस्त्र बलों के लिए निगरानी एवं रेकी की भूमिकाओं को अंजाम दे सके।
एक बयान के मुताबिक, ‘डीआरडीओ ने चित्रदुर्ग के चलाकेरे में अपने एरोनॉटिकल परीक्षण रेंज (एटीआर) में रविवार को रुस्तम-2 का सफल परीक्षण किया।’ डीआरडीओ ने कहा कि सफल परीक्षण के सभी मानक ‘सामान्य’ रहे। रुस्तम-2 अलग-अलग तरह के पेलोड ले जाने में सक्षम है।