उम्र कैद की सजा काटकर जेल से रिहा हुआ यह शख्स फिर से जेल जाना चाहता है। पढ़िए पूरी खबर…
पत्नी और बेटी की हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काटकर आया पुष्कर दत्त् भट्ट फिर से जेल जाना चाहता है। 15 अगस्त 2017 को पुष्कर को जेल से रिहा कर दिया गया था।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित गांव बस्तड़ी रहने वाले पुष्कर दत्त 18 साल की सजा काटने के बाद गांव लौटा तो उनका गांव वीरान पड़ा था। बता दें कि 2016 आपदा में पिथौरागढ़ का बस्तड़ी गांव तबाह हो गया था। बादल फटने से यहां 21 लोग जिंदा दफन हो गए थे।
आपदा के बाद लोग गांव छोड़कर चले गए। उस गांव में अब केवल पुष्कर बचा है। 52 वर्षीय पुष्कर ने बताया कि उसका गांव भुतहा हो गया है। यहां तक कि उसका बेटा हिमांशु भी नहीं। हिमांशु आपदा में बच गया था। मगर, उसके बाद से वह गांव छोड़कर चला गया। कहां गया, इसका किसी को पता नहीं है। पुष्कर अपने बस्तड़ी गांव में 6 महीने से अकेले रह रहे हैं।
पुष्कर दत्त ने बताया कि इस बीच उनका अपने बेटे से कोई संपर्क नहीं हुआ। जेल से लौटा पुष्कर घर परिवार उजड़ने से हताश है, उसने मुआवजे के लिए प्रशासन के दर पर दस्तक दी। लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई। अब उसने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि, उसे वापस उधम सिंह नगर के सितारगंज जेल भेज दें, जहां उन्होंने अपनी जवानी के 20 साल गुजारे। वह कहते हैं कि जेल में कम से कम इंसान तो हैं, उनके गांव में तो सिर्फ भूत और यादें ही बची हैं। इस मामले में जिलाधिकारी ने बताया कि मुआवजा सूची में इनके परिवार का नाम तो था लेकिन छह माह तक कोई मुआवजा लेने नहीं आया। ऐसे में धनराशि शासन को वापस कर दी गई। अब मुआवजा मिल पाना मुश्किल है।