गर्मियों में नहीं झेलनी पड़ेगी पेयजल किल्लत
— जल संस्थान ने कई इलाकों में बदली क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनें
ऋषिकेश। जल संस्थान ने शहर में ग्रीष्मकाल में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली है। इसके लिए कई इलाकों में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को बदला जा रहा है जबकि कुछ इलाकों में नई लाइनें बिछाई जा चुकी हैं। इससे नगर क्षेत्र के करीब 1200 परिवार गर्मी के दिनों में पेयजल किल्लत से निजात मिल जाएगी। मायाकुंड और चंद्रेश्वरनगर में पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को लो-प्रेशर और पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र के करीब 950 परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
जल संस्थान ने उक्त दोनों क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को बदलने का कार्य शुरू कर दिया है। अगले माह तक विभाग उक्त कार्य पूर्ण कराने की बात कह रहा है। इससे इन इलाकों में पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा विभाग ने लक्ष्मणझूला रोड स्थित भैरव मंदिर से श्री हेमकुंड गुरुद्वारा तक करीब 150 मीटर पुरानी पेयजल लाइन को बदला है। इससे क्षेत्र के करीब 40 परिवारों को पर्याप्त पानी मिल जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार चंद्रेश्वरनगर में दुर्गा मंदिर और श्मशान घाट रोड की पेयजल लाइनों को भी बदला गया है। लिहाजा इस क्षेत्र की करीब 150 परिवारों को ग्रीष्मकाल में पानी की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा।
कनेक्शन जुडवा लें उपभोक्ता
ऋषिकेेश। विभिन्न इलाकों में लो-प्रेशर और पर्याप्त पानी नहीं आने के चलते कई इलाकों में उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन ही कटवा लिए हैं। अपर सहायक अभियंता मनोज डबराल ने उपभोक्ताओं से कनेक्शन दोबारा जुड़वाने की अपील की है। बताया कि इसके लिए संबंधित उपभोक्ता को सिर्फ एक आवेदन करना होगा। सभी क्षेत्रों में पेयजल लाइनों को दुरुस्त कर दिया गया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
गर्मी के दिनों में पेयजल सप्लाई की मांग काफी बढ़ जाती है। इसके साथ ही कई पुरानी लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को लगातार लो-प्रेशर व अन्य दिक्कतें पेश आ रही थी। लिहाजा नगर के दो इलाकों में लाइनें बदली जा रही हैं। जबकि अन्य प्रभावित इलाकों में लाइनें बिछाने का कार्य पूरा किया जा चुका है।
— मनोज डबराल, अपर सहायक अभियंता जल संस्थान, ऋषिकेश