प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी दोपहर को लोकसभा में और उसके बाद देर शाम राज्यसभा में अपना भाषण देंगे. दूसरी तरफ कांग्रेस आज सदन में राफेल डील के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोल सकती है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को ही राफेल डील को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला था. ऐसे में देखना होगा कि क्या पीएम मोदी इस मुद्दे पर बयान दे सकते हैं या नहीं. बता दें कि बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से हुई थी, जिसके बाद 1 फरवरी को बजट पेश किया गया था
राफेल डील पर राहुल ने उठाया सवाल
विपक्ष की ओर से सदन में राफेल डील पर सवाल दागे जा सकते हैं. मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस रक्षा सौदे में न सिर्फ घोटाले का दावा किया है, बल्कि सीधे तौर पर इस डील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है, ‘मोदीजी ने व्यक्तिगत रूप से यह सौदा करवाया. मोदीजी व्यक्तिगत रूप से पेरिस गए. व्यक्तिगत रूप से सौदे को बदलवाया गया. पूरा भारत इसे जानता है.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में अपने भाषण के दौरान विपक्ष के द्वारा बजट पर उठाए जा रहे सवाल और ‘पकौड़ा’ वाले बयान को लेकर निशाना साध सकते हैं. बता दें कि पिछले कई दिनों में कई कांग्रेसी नेताओं की तरफ से पीएम मोदी के पकौड़ा वाले बयान को बड़ा मुद्दा बनाया गया था. जिसका जवाब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने भाषण में भी दिया था.
संसद में भी गूंजा ‘पकौड़ा रोजगार’, शाह बोले- बनाना नहीं, मजाक उड़ाना शर्म की बात
रोजगार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिया गया बयान अब सदन तक पहुंच गया है. सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अमित शाह ने राज्यसभा में अपना पहला भाषण दिया था. इस दौरान उन्होंने रोजगार को लेकर पीएम मोदी के बयान का समर्थन किया और कांग्रेस को मजाक न बनाने की नसीहत दी.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने भी सदन में सरकार पर कड़े वार किए. आज़ाद ने कहा कि ये सरकार रीपैकेजिंग करने में माहिर है. उन्होंने कहा कि ये सरकार गेम चेंजर नहीं बल्कि नेम चेंजर सरकार है. गुलाम नबी आज़ाद के अलावा सपा नेता नरेश अग्रवाल ने भी सरकार पर कड़ा हमला बोला था.
मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष ने पाकिस्तानी गोलीबारी की मुद्दा उठाया था. पाकिस्तान की गोलीबारी में शहीद हुए 4 जवानों को लेकर विपक्षी पार्टियों ने वेल में पहुंचकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था. दूसरी तरफ टीडीपी के सांसदों ने भी विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर बजट का विरोध किया था.