चार महीने से सैलरी नहीं मिलने से परेशान एमसीडी स्कूल के शिक्षकों ने पकौड़े तलकर प्रदर्शन किया. पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सैकड़ों शिक्षकों को करीब चार महीने से तनख्वाह नहीं मिली है और उनका कई सालों का एरियर भी बकाया है. सोमवार दोपहर करीब सौ टीचर पटपड़गंज स्थित ईस्ट MCD के हेडक्वार्टर पकौड़े तलने का सामान लेकर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क किनारे पकौड़े तलने शुरू कर दिए.
इस मामले में टीचर्स एसोसिएशन के सतेन्द्र नागर ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षकों को घर चलाने के लाले पड़ रहे हैं और वो प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं. अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पकौड़े तलने को ही रोजगार मानते हैं, तो हम यही करके अपना घर चला लेंगे. कोई भला टीचर क्यों बनेगा? मालूम हो कि पिछले करीब पांच सालों से शिक्षकों की सैलरी बीच-बीच में तीन से चार महीने के लिए रुक जाती है, क्योंकि ईस्ट एमसीडी के पास सैलरी देने के लिए फंड कम पड़ जाता है.
इन शिक्षकों का आरोप है कि वे आम आदमी पार्टी शासित दिल्ली सरकार और बीजेपी शासित एमसीडी के पॉलिटिक्स में फंस गए हैं. एमसीडी टीचर रमेश कुमार ने बताया कि जब भी वो सैलरी को लेकर एमसीडी के बड़े अधिकारियों से मिलते हैं, तो उनका एक ही जवाब होता है कि दिल्ली सरकार ने पैसे नहीं दिए. पूरे हिंदुस्तान में दिल्ली सरकार ही एकमात्र ऐसी सरकार है, जिनका एमसीडी पर बस नहीं चलता और शिक्षकों की यह दुर्दशा है.
ईस्ट एमसीडी के हेडक्वार्टर के सामने प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने पकौड़े तलकर लोगों को बांटे. इस दौरान कुछ शिक्षकों ने 10-10 रुपये में पकौड़े खरीदे भी. महिला शिक्षकों ने पकौड़े बनाने का सामान अपने घरों से मंगवाया था. इस बाबत पूछे जाने पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार से पूरे फंड नहीं मिल पाने के कारण यह परेशानी हो रही है.