गुप्ता बंधुओं का रसूख ही कहेंगे कि उन्हें छुड़ाने के लिए जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि को खुद कनखल थाने आना पड़ा था।
गुप्ता बंधुओं का एक करीबी रिश्तेदार हरीश रावत सरकार में दर्जाधारी भी रह चुका है
ये मामला वर्ष 2015 का है। तब कनखल पुलिस को सूचना मिली थी कि हरिद्वार-दिल्ली हाईवे से सटे दयानंद स्टेडियम में एक हेलीकाप्टर बिना अनुमति के लैंड हुआ है।
उस समय एसओ रहे रितेश शाह ने पुलिस टीम के साथ दयानंद स्टेडियम की घेराबंदी की। उसके बाद उन्होंने हेलीकाप्टर से उतरे सहारनपुर के एनआरआई गुप्ता बंधुओं से हेलीकाप्टर उतारने की अनुमति मांगी, लेकिन वह दिखा नहीं पाए थे।
इस पर एसओ गुप्ता बंधुओं को अपने सरकारी वाहन में बैठाकर थाने लेकर पहुंचे थे। पूरे प्रकरण के दौरान सामने आया था कि गुप्ता बंधुओं ने हेलीकाप्टर उतरने की अनुमति का फैक्स सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय कर दिया था, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। चूक होने पर सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा का तबादला कर दिया गया। गुप्ता बंधुओं का एक करीबी रिश्तेदार हरीश रावत सरकार में दर्जाधारी भी रह चुका है।