सर्राफा व्यापारी से कैसे राजनीति में आ गए थे विधायक मगनलाल शाह, जानिए उनके बारे में सब कुछ

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भाजपा के विधायक मगनलाल शाह अब हमारे बीच नहीं हैं। जानिए एक सर्राफा व्यापारी से राजनेता तक का सफर…

57 साल के विधाक मगन लाल शाह विधायक थराली से भाजपा के विधायक थे। वे एक सर्राफा व्यापारी थे। वहीं वे एक ठेकेदार भी थे। हालांकि वे दसवीं पास थे, लेकिन उनकी प्रतिभा किसी से कम नहीं थी।

उनके करीबियों में शुमार मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी उन्हें वर्ष 1992-94 में राजनीति में लेकर आए। वर्ष 2002 के पहले चुनाव में बीजपी से टिकट मंगा लेकिन पार्टी ने विश्वास न जताते हुए पिंडर विधानसभा क्षेत्र से गोविंद लाल शाह को टिकट दिया मगन लाल शाह तब पार्टी के कहने पर मान गए जिसका नतीजा पिंडर विधानसभा क्षेत्र में बीजपी का परचम लहराया।

इसके बाद हुए 2007 विधानसभा सभा चुनाव में एक बार फिर से बीजपी से टिकट की दावेदारी की लेकिन निराशा ही हाथ लगी और दोबारा पार्टी ने गोविंद लाल शाह पर भरोसा जताते हुए टिकट उन्हें दिया। लेकिन इस बार मगन लाल शाह ने बगावत करके यूकेडी से टिकट लेकर चुनाव लड़ा लेकिन जीत बीजपी से उम्मीदवार गोविंद लाल शाह को मिली

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इसके बाद त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में अपने क्षेत्र पंचायत वार्ड गंडी कफ़ौली क्षेत्र से चुनाव लड़ा और क्षेत्र पंचायत सदस्य जीत लिया। वर्ष 2008-09 में नारायणबगड़ विकासखण्ड के ब्लॉक प्रमुख बने बताया जाता है कि प्रमुख बनने के समय भी बराबर सदस्यों का समर्थन मिलने के चलते टॉस हुआ था जिसमे मगन लाल शाह जीते ओर प्रमुख बनाये गए।

वर्ष 2012के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने लगातार दो बार विजेता रहे गोविंद लाल शाह की बजाय मगन लाल शाह पर भरोसा जताया और बीजपी के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन इस बार उनके विपक्षी कांग्रेस से उम्मीदवार डॉ जीतराम ने उन्हें टक्कर मिली लेकिन मगन लाल शाह लगभग  400 वोट के अंतर से चुनाव हार गए इसके बाद हुए 2014 के त्रिस्तरीय पंचायती चुनावो में उनकी धर्मपत्नी मुन्नी देवी शाह चमोली की जिला पंचायत अध्यक्ष बनी।

वर्ष 2017 के विधानसभा सभा चुनावों में एक बार फिर पार्टी ने मगन लाल शाह पर भरोसा जताया और मगन लाल शाह ने भी इस भरोसे पर खरा उतरते हुए लगभग 4300 के भारी अंतर से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ जीतराम को हराया और विधानसभा पहुंचे।

वर्ष 2002 से बीजेपी के लिए  मगन लाल शाह लगातार पार्टी को मजबूती देते रहे। मगन लाल शाह बीजपी के अनुसूचित जाति मोरचे का प्रदेश अध्यक्ष पद भी सम्भाल चुके हैं लेकिन पार्टी का ये मजबूत कंधा 19 फरवरी को स्वास्थ्य हानि के चलते जोली ग्रांट अस्पताल में भर्ती हुए । जिंदगी और मौत के बीच वेंटिलेटर पर रविवार(25 फरवरी) को थराली से विधायक और बीजपी के इस सिपाही ने अपनी अंतिम सांस ली।

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