उत्तराखंड के काशीपुर में हो रही खुदाई के दौरान 19वीं शताब्दी के कई सिक्के मिलने से हड़कंप मच गया। मौके पर भीड़ जुटने पर खुदाई रुकवानी पड़ी।
मोहल्ला लाहौरियान में खाली पड़े श्री गौड़ सभा के भूखंड पर लोग लंबे समय से कूड़ा डाल देते थे। इसके लिए यहां चहारदीवारी का निर्माण करने को पिलर के गड्ढे खोदे जा रहे हैं। गड्ढा खोदते समय यहां एक मलसिये (मिट्टी का छोटा घड़ा) में 19वीं शताब्दी के तांबे के 60 सिक्के मिले। मौके पर भीड़ जुटने पर खुदाई रुकवानी पड़ी।
मोहल्ला लाहौरियान स्थित चार हजार वर्ग फुट का यह भूखंड 1935 में विनता प्रसाद पंखिया की विधवा हरदेई ने श्री गौड़ ब्राह्मण सभा को दान में दिया था। वर्तमान में उनके भतीजे अनिल कुमार शर्मा श्री गौड़ सभा के अध्यक्ष हैं। उक्त भूखंड पर लंबे समय से लोग कूड़ा डाल रहे थे।
मेयर ऊषा चौधरी ने प्रबंध समिति से भूखंड पर चहारदीवारी बनाने को कहा था। इस पर समिति ने 10-10 फुट की दूरी पर पिलर लगवाकर चहारदीवारी निर्माण का निर्णय लिया। रविवार को मजदूर पिलर के लिए गड्ढे खोद रहे थे। गड्ढा खोदते समय जमीन में गड़े एक मलसिये पर फावड़ा लगने पर वह टूट गया और उसमें से सिक्के बिखर पड़े।
इससे मौके पर खलबली मच गई। समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने सिक्के कब्जे में ले लिए। ये सिक्के एक-एक पाई (चौथाई आने) के हैं। तांबे की धातु के बने ये सिक्के वर्ष 1860, 1902 और 1907 के हैं। समिति अध्यक्ष शर्मा ने बताया 60 सिक्के बरामद हुए हैं। वहां और सिक्के निकलने की संभावना जताई जा रही है।