व्यक्तित्व विकास व नैतिकता पर कार्यशाला का आयोजन

Spread the love

परमार्थ निकेतन आश्रम में रविवार को व्यक्तित्व विकास व नैतिकता पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला में राजस्थान के जल संसाधन व प्रबंधन विभाग के करीब 30 इंजीनियर प्रतिभाग कर रहे हैं।
परमार्थ निकेतन आश्रम में रविवार को आयोजित कार्यशाला का परमाध्यक्ष चिदानंद सरस्वती मुनि व एनसीजीजी के कार्यक्रम निदेशक डॉ. बीएस बिष्ट ने संयुक्तरूप से शुभारंभ किया। इस मौके पर पर्यावरण, जल संसाधनों की स्वच्छता व सुरक्षा, वर्षा के जल का संचयन, नदियों को निर्मल व अविरल बनाने पर विमर्श किया गया। स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने कहा कि व्यक्तित्व मनुष्य की पहचान है। अब हमें ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करना है, जो प्रकृति व पर्यावरण के साथ मित्रवत व्यवहार करे। मुनि ने कहा कि धरती पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए प्रकृति के वास्तविक स्वरूप को बनाए रखना आवश्यक है। जल जीवन के लिए आवश्यक है, इसे प्रदूषण मुक्त रखना हम सबका नैतिक धर्म है। इस अवसर पर साध्वी भगवती सरस्वती, नंदनी त्रिपाठी, अदित्यानंदा सरस्वती, डॉ. राजेंद्र बोहरा, डॉ. भूपेंद्र बिष्ट, अनिल मिश्रा, अनीता जैन, प्रभा गुप्ता, आरसी मीना, सुरेश भोपड़िया, विजय शर्मा, सौरभ सिंह, सुमित कुमार, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *