देहरादून, उत्तराखंड क्रांति दल के केन्द्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट ने कहा है कि गैरसैंण में आयोजित होने वाले इस विधानसभा सत्र में प्रदेश की स्थाई राजधानी गैरसैंण को घोषित किया जाए। यूकेडी ने इस संबंध में राज्यपाल डा. केके पाल को एक ज्ञापन भी सौंपा। गैरसैंण को राजधानी घोषित न किया गया तो आगामी 20 मार्च को भराडीसैंण विधानसभा भवन का घेराव किया जायेगा।
यहां कचहरी रोड स्थित दल के केन्द्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में दिवाकर भट्ट ने कहा कि आज दल का एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल डा. केके पाल से भेंट करते हुए उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। कहा कि राज्य को बने हुए 17 वर्ष बीत चुके है और लंबे संघर्षों व बलिदान के बाद यह राज्य मिला। राज्य प्राप्ति आंदोलन के दौरान सन 1992 में जन भावना एवं पर्वतीय भूभाग के विकास को लेकर दोनों मंडलों के मध्य गैरसैंण को राज्य की राजधानी माना जिसे वीर चन्द्र सिंह गढवाली के नाम पर चन्द्रनगर गैरसैंण दल ने रखा और जन सैलाब के साथ शिलान्यास किया गया और वहां पर गढवाली की प्रतिमा स्थापित की। वर्ष 1994 में राज्य की मांग जब जन आंदोलन में तब्दील हुई तो गैरसैंण राजय आंदोलन का केन्द्र बिन्दु बना रहा और कौशिक समिति की रिपोर्ट एवं राज्य गठन के बाद दीक्षित आयोग की रिपोर्ट भी गैरसैंण के पक्ष में है। इसके बावजूद गैरसैंण स्थाई राजधानी का मामला अधर मंे लटका है। राज्य स्थाई राजधानी गैरसैंण को आगामी वित्तीय सत्र जो 20 मार्च से गैरसैंण में होने जा रहा है और अविलंब घोषित किया जाये और उत्तर प्रदेश के किसी भी भूभाग को राज्य में शामिल न किया जाये। भूभाग को शामिल न किये जाने के लिए जनांदोलन चलाया जायेगा। राज्यपाल ने इस दिशा में सकारात्मक कार्यवाही करने का भरोसा दिया है। पत्रकार वार्ता में बीडी रतूडी, त्रिवेंद्र सिंहि पंवार, सुनील ध्यानी, जय प्रकाश उपाध्याय, संजय क्षेत्री आदि मौजूद रहे।