तीन दशक से चली आ रही रामगंगा जिले की मांग जोर पकड़ने लगी है। रामगंगा जिले की मांग को लेकर आयोजित जनसम्मेलन में काफी भीड़ उमड़ी। सवर्दलीय सम्मेलन में दलगत नीति से ऊपर उठकर रामगंगा जिले के लिए एकजुटता पर जोर दिया गया।
वहीं जिले की मांग के समर्थन में व्यापार संघ के आह्वान पर भिकियासैंण के व्यापारियों ने पूरे दिन बाजार बंद रखा। व्यापारियों ने तहसील मार्ग से राजकीय इंटर कालेज मैदान तक जुलूस निकालकर सम्मेलन में शिरकत भी की। इस दौरान रामगंगा जिला अभियान के संयोजक राकेश नाथ ने सल्ट विधायक सुरेंद्र जीना को मुख्यमंत्री के नाम रामगंगा जिला सृजन का मांग पत्र सौंपा।
रविवार को राजकीय इंटर कालेज भिकियासैंण के मैदान में आयोजित जनसम्मेलन में वक्ताओं ने अल्मोड़ा जिले के दूरस्थ क्षेत्र सल्ट, स्याल्दे, भिकियासैंण, चौखुटिया और द्वाराहाट तहसीलों को मिलाकर पृथक रामगंगा जिले की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि रामगंगा जिले की मांग तीन दशक पुरानी है। राम गंगा जिले को दूरस्थ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी बताते हुए दलगत राजनीति से हटकर जिला अभियान को धार देने के लिए एकजुटता पर जोर दिया गया।
रामगंगा जिला अभियान के संयोजक राकेश नाथ ने भावी रणनीति बताते हुए कहा कि जिले के आंदोलन को तेज करने के लिए अप्रैल में पाचों तहसीलों के बाजार एक-एक दिन बंद रहेंगे। रानीखेत जिले का विरोध किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सम्मेलन में मौजूद सल्ट के विधायक सुरेंद्र सिंह जीना ने रामगंगा जिले की मांग को जायज बताते जनभावनाओं को सदन में उठाने की बात कही।
सम्मेलन में पाचों तहसीलों के सैकड़ों लोग मौजूद थे। सम्मेलन का संचालन लीला बिष्ट और राकेश नाथ ने किया। सम्मेलन को द्वाराहाट के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, पुरूषोत्तम शर्मा, गंगा पंचोली, पुष्कर पाल, अमर सिंह, महिपाल बिष्ट, दीपक बिष्ट, हंसा नेगी, शंकर फुलारा, नारायण सिंह, राधा रमण, गोपाल मासीवाल, हेमा नेगी, तारादत्त शर्मा, मनोहर बिष्ट, रमेश गोस्वामी आदि ने संबोधित किया।
रामगंगा जिले की मांग के समर्थन में व्यापारियों ने भिकियासैंण बाजार पूरे दिन बंद रखा। जिले के समर्थन में व्यापारियों ने तहसील मार्ग से सम्मेलन स्थल राजकीय इंटर कालेज मैदान तक जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया और सम्मेलन में भाग लिया। जुलूस में व्यापार मंडल सचिव मदन मेहरा, राज रौतेला, जगत सिंह, पुष्कर बंगारी, महिपाल बिष्ट, दीपक, खुशाल नेगी, गोपाल सिंह, शंकर फुलारा, प्रकाश रौतेला ,मनोहर सिंह आदि ने भाग लिया।