बदले अंदाज में नजर आएंगे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सरकार को दिखाएंगे आईना

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संसद का बजट सत्र आरंभ हो गया है। कांग्रेस मुख्यालय के सूत्रों का दावा है कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी संसद में नए अंदाज में नजर आएंगे। गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव के बाद आरंभ हो रहे बजट सत्र में राहुल गांधी के पास जहां पार्टी और विपक्ष को एकजुट रखने की जिम्मेदारी होगी, वहीं केन्द्र सरकार को कठघरे में खड़ा करने की धुरी बनने की भी चुनौती होगी। ऐसे में उनकी भूमिका काफी बढ़ गई है।

बजट सत्र के लिए पूरी तैयारी

बजट सत्र में सरकार को आईना दिखाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष ने काफी होमवर्क किया है। वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के लगातार संपर्क में हैं। इसके अलावा राहुल गांधी एनसीपी के शरद पवार, माकपा के सीताराम येचुरी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती समेत अन्य से लगातार संपर्क बनाए हैं। राहुल की कोशिश विपक्ष में एकता बनाए रखने के साथ-साथ राजनीति की धुरी बने रहने का है। वह संसद के बजट सत्र के दौरान केन्द्र सरकार को तमाम मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए पार्टी के फ्लोर प्रबंधकों के साथ लगातार मंत्रणा करने के साथ साथ समान विचारधारा वाले अन्य नेताओं के साथ मंत्रणा की करने की योजना है।

कांग्रेस अध्यक्ष सरकार को घेरने की तैयारी के साथ-साथ पार्टी में नई जान फूंकने की भी तैयारी में हैं। पार्टी के भीतर संतुलित संगठनात्मक बदलाव, पार्टी को युवा बनाने, मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहने तथा आक्रामक रवैया अपनाने की योजना है। राहुल गांधी के एक करीबी का कहना है कि गुजरात चुनाव से मिले सबक को लेकर वह काफी संवेदनशील है। राहुल गांधी का मानना है कि गुजरात की जनता ने तब सत्ता पक्ष के खिलाफ अपने रुख का संकेत देना शुरू किया, जब उन्होंने खुलकर मोदी सरकार के खिलाफ बोलना शुरू किया। कांग्रेस की महिला विंग की प्रमुख सुष्मिता देव का भी यही मानना है। सुष्मिता का कहना है कि राहुल गांधी के खुलकर बोलने के बाद जनता की प्रतिक्रिया और लोगों का समर्थन दिखाई देने लगा। सुष्मिता ने चर्चा के दौरान कहा था कि देश की जनता मोदी सरकार के कामकाज से खुश नहीं है। इसलिए मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है।

दूर करेंगे शिकायत

कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं की एक आम शिकायत रही है कि उनकी आवाज शीर्ष नेतृत्व के कान तक नहीं पहुंच पाती। हालांकि कांग्रेस पार्टी की राजनीति में दखल रखने के साथ-साथ राहुल गांधी ने कई प्रयोग किए। लेकिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के स्वास्थ्य में गिरावट आने के बाद यह शिकायत काफी बढ़ गई थी। कुछ नेता यही आरोप लगाकर कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह गए थे। लेकिन सूचना है कि कांग्रेस अद्यक्ष राहुल गांधी नया मॉडल लेकर आ रहे हैं। वह कांग्रेस मुख्लाय 24 अकबर रोड़ पर खुद नियमित बैठने की योजना पर काम कर रहे हैं। वह पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं से मिलने, जनता की शिकायतें सुनने, संगठन को पारदर्शी बनाने तथा विभागों में जान फूंकने की तैयारी कर रहे हैं। समझा जा रहा है कि इस महीने के अंत तक वह इसके माध्यम से पूरे देश में नया संदेश की तैयारी कर रहे हैं।

मीडिया फ्रेंडली

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया है। इसके लिए भी कांग्रेस अध्यक्ष के पास योजना है। वह अधिक मीडिया फ्रेंडली होने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी के अंदरखाने से सूचना है कि राहुल गांधी सोशल मीडिया विंग को अधिक सक्रिय बनाने की तैयारी कर रहे हैं। गुजरात चुनाव के दौरान दिव्या स्पंदना की टीम ने सोशल मीडिया के जरिए कई मुद्दों को धार दे दिया था। रोहन गुप्ता ने इसमें लगातार सक्रियता दिखाई थी। मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला की टीम सक्रियता से पार्टी को जमीनी आधार बनाने में काफी सहूलियत हुई थी। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष अब इसे और सशक्त बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए युवा नेताओं, कार्यकर्ताओं, आईटी विशेषज्ञों के साथ वरिष्ठ नेताओं की टीम को जिम्मेदारी देने की योजना है ।

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