तराई बीज विकास निगम में हुए 16 करोड़ रुपये के गेहूं बीज घोटाले की छानबीन में जुटी एसआईटी ने अपना ‘होमवर्क’ पूरा कर लिया है। पांच माह तक जांच करने के बाद एसआईटी घोटाले में लिप्त टीडीसी कर्मचारियों और बीज वितरकों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा चुकी है।
इनके आधार पर जल्द ही बीज वितरकों और जांच के दायरे में आए कर्मचारियों के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी गिरफ्तारी पर कोर्ट से स्टे लेने वाले कर्मचारियों का स्टे खारिज करवाने की तैयारी में भी जुटी है। यूपी और बिहार के गोदामों को भी एसआईटी ने चिन्हित कर लिया है।
वर्ष 2015-16 में पंतनगर टीडीसी गेहूं बीज बेचने में किया गया 16 करोड़ का घोटाला उजागर होने के बाद शासन के आदेश पर टीडीसी के 10 कर्मचारियों के खिलाफ पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। अगस्त में घोटाले की जांच के लिए एसपी सिटी देवेंद्र पींचा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी अब तक टीडीसी के डायरेक्टरों और कर्मचारियों सहित 30 से अधिक लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर चुकी है।
घोटाले की अंतिम जांच के लिए एसआईटी को अपर प्रमुख सचिव द्वारा तैयार की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी पखवाड़े भर पूर्व मिल गई थी। इसके आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाकर अब एसआईटी ने घोटाले में लिप्त टीडीसी कर्मचारियों और बीज वितरकों के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाकर अपना ‘होमवर्क’ पूरा कर लिया है।
पुख्ता सूत्रों के अनुसार बिहार, यूपी के बरेली और वाराणसी के गोदामों को भी एसआईटी ने चिन्हित कर लिया है। गोदामों की जांच के लिए सप्ताह भर के भीतर एसआईटी रवाना हो जाएगी। इसके साथ ही गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट से स्टे लेने वाले नौ टीडीसी कर्मचारियों का स्टे खारिज करवाने की तैयारी भी एसआईटी द्वारा की जा रही है।