बाहरी गन्ने को लेकर दस लोग चिंहित

Spread the love

रुड़की। लिब्बरहेड़ी गन्ना समिति के चेयरमैन ने सोमवार को अपने कार्यालय पर जनता दरबार लगाकर किसानों की समस्याएं सुनी। अधिकतर समस्याओं का उन्होंने मौके पर निस्तारण किया। इस दौरान उन्होंने सही तरीके से काम न करने पर 12 कर्मियों के कार्यक्षेत्र बदले। साथ ही प्रत्येक सोमवार को जनता दरबार लगाने का वादा किया। इसके अलावा बाहरी गन्ने को संरक्षण देने वाले दस लोग चिह्नित करने का दावा किया।
पिछले कुछ दिनों से लिब्बरहेड़ी शुगर मिल के चेयरमैन कुलदीप सिंह को शिकायत मिल रही थी कि समिति के अधिकारी और कर्मचारी किसानों की समस्याओं का निस्तारण समय पर नहीं कर रहे हैं। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चेयरमैन ने सोमवार को कार्यालय पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में जनता दरबार लगाते हुए किसानों की समस्याएं सुनी। इस दौरान करीब बारह कर्मचारियों को सही तरीके से काम न करने की भी शिकायत मिली। जिसके चलते कर्मचारियों के कार्य क्षेत्र बदले गए। उन्होंने पर्ची आदि को लेकर करीब 60 शिकायतों में से 50 का मौके पर ही निस्तारण किया। चेयरमैन कुलदीप सिंह ने बताया कि अब प्रत्येक सोमवार को 12 बजे से तीन बजे तक किसानों की समस्याएं सुनी जाएंगी। जिनका मौके पर निस्तारण करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने दावा कि बाहरी गन्ने को लेकर रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाएगी। इस दौरान नरेश, अनुज, लालदीप, सचिव प्रदीप वर्मा, देवपाल, अम्बरीष कुमार, ब्रहमपाल, कल्याण आदि मौजूद रहें।
बाहरी गन्ने के विरोध में धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ता
नारसन। बाहरी प्रदेशों से आ रहा गन्ना किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। इलाके के किसानों को समय से गन्ने की पर्ची नहीं मिल पा रही है। इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने विरोध शुरू कर दिया है।
भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ता हाईवे पर मंडावली में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। सोमवार को तीसरे दिन भी उनका धरना जारी रहा। धरने पर मौजूद भाकियू जिलाध्यक्ष विकेश चौधरी ने बताया कि बाहरी गन्ना रोकने के लिए भाकियू ने कई टीम का गठन किया है। नहर की पटरी मार्ग पर भी कार्यकर्ता बाहर से आने वाले गन्ने को रोक रहे हैं। इसके अलावा हाईवे पर दिन-रात चौकसी में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि मिल के कैन मैनेजर अनिल सिंह भी वार्ता के लिए आए थे। किंतु किसानों को राहत नहीं मिलने तक किसी भी तरीके की वार्ता से इंकार कर दिया। धरने पर संजय चौधरी, मेजर राणा, ऋषि पाल सिंह, जयपाल सिंह, ओमपाल सिंह, जयकुमार, अंकित, ऋषिपाल, विजय राणा, बबलू, अरविंद राठी, सोमपाल सिंह रायपुर आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
बीज उपचारित करने पर भी जोर दिया
झबरेड़ा (ब्यूरो)। कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी से आएं वैज्ञानिकों ने झबरेड़ी गांव में किसानों को अधिक पैदावार के लिए जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने फसल चक्र अपनाने और बीज उपचारित करने पर भी जोर दिया।
सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी के कृषि वैज्ञानिकों ने एक किसान गोष्ठी का आयोजन क्षेत्र के झबरेड़ी गांव में किया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनोद चौधरी ने कहा कि किसी भी फसल की बुआई से पहले उसके बीज को उपचारित करना जरूरी है, जिससे अधिक से अधिक बीज का जमाव हो सके और अधिक से अधिक फसल का उत्पादन हो सके। उन्होंने फसल चक्र को लेकर भी किसानों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि किसानों को आवश्यक तौर पर फसल चक्र अपनाना चाहिए। फसल चक्र से जहां फसल का उत्पादन अधिक होता है, वहीं खरपतवार आदि भी कमी उगती है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक विधि द्वारा खेती करने पर भी जारी दिया। इस दौरान शिव कुमार, अनूप सिंह, राजकुमार, ब्रजपाल, अंकुर, धनश्याम, पहल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
किसानों को मिले डीजल पर सब्सिडी: कटार सिंह
झबरेड़ा (ब्यूरो)। किसान क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष कटार सिंह ने बताया कि एक फरवरी को सरकार बजट पेश करने वाली है, जिसमें किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए किसानों को खेती के लिए डीजल पर सब्सिडी दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि सरकार किसानों का कर्ज माफ नहीं कर सकती हैं, तो वह किसानों का ब्याज ही माफ कर दे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *