मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में यू.बी.एम. इण्डिया प्राईवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित साउथ एशिया टैªवल्स एण्ड टेªड एक्स्पो अवार्ड में बतौर विशिष्ट अतिथि प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में निवेशकों और पर्यटकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड को देवभूमि के रूप में जाना जाता है। यहाँ कई महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटक स्थल हैं। उत्तराखण्ड में संस्कृति की एक लम्बी विरासत है जहां पर महाभारत सहित वेदों और पुराणों की रचना की गयी।

पर्यटन की दृष्टि से उत्तराखण्ड में जिम नेशनल कार्बेट पार्क भी है, जहाँ भारत में दूसरे नम्बर पर सबसे ज्यादा संख्या में बाघ हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में हिमालय की ऊंची चोटियां हैं, जो वर्षभर बर्फ से आच्छादित रहती हैं, साथ ही यहां का 71.5 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। यहां की सुन्दर घाटियाँ और बुग्याल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में आध्यात्म के साथ-साथ साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में बहुत अधिक सम्भावनाएँ हैं।