पुलिस की पाठशाला लगी तो बच्चों में भी उत्साह भर गया। तस्वीरें देखिए…
श के नंबर आठ पुलिस थाने में बुधवार को स्कूली बच्चों की क्लास लगी। अमर उजाला पुलिस की पाठशाला अभियान के तहत देहरादून और ऋषिकेश के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने ऋषिकेश कोतवाली का भ्रमण किया। इस दौरान एसपी देहात सरिता डोभाल और सीओ ऋषिकेश वीरेंद्र सिंह रावत ने बच्चों को अपराध, साइबर क्राइम और यातायात नियमों से रूबरू कराया, साथ ही उन्हें समाज के प्रति जागरूक रहकर अपनी भूमिका सुनिश्चित करने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, वह जागरूक होंगे तो समाज में व्याप्त कई तरह की गलत प्रवृत्तियों पर अंकुश लगेगा।
बुधवार को अमर उजाला की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में ऋषिकेश के मॉडर्न स्कूल, ऋषिकेश पब्लिक स्कूल व देहरादून के सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल, एशियन स्कूल व विवेकानंद स्कूल के बच्चों ने प्रतिभाग किया। पुलिस अधीक्षक देहात सरिता डोभाल ने बच्चों जीवन में कभी भी अपराध नहीं करने का संकल्प दिलाया। साथ ही उन्हें परिजनों, नाते रिश्तेदारों व परिचितों के साथ समाज के अन्य वर्गों को भी विभिन्न प्रकार के अपराधों, यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने को प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि लोग कानून का पालन करने से कतराते हैं इसीलिए विभिन्न प्रकार के अपराध व दुर्घटनाओं के ग्राफ में इजाफा होता है। पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत ने बच्चों को जीवन में स्वयं के या दूसरों के द्वारा जाने-अनजाने होने वाली गलतियों को नजअंदाज नहीं करने को कहा। उन्होंने कहा कि गलतियों को रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए, उनसे सबक नहीं लेने से ही जीवन में बड़े अपराध या घटनाएं जन्म लेती हैं और जिसका खामियाजा दूसरे लोगों को भुगतना पड़ता है।
इस अवसर पर मॉडर्न स्कूल के शिक्षक सत्येंद्र सिंह रावत, एशियन स्कूल के आईजे रेड्डी, सोशल बलूनी स्कूल के एलएम भट्ट, ऋषिकेश पब्लिक स्कूल की शिप्रा गौनियाल, विवेकानंद स्कूल देहरादून की सुषमा कोठारी, एसएसआई विजय भारती, दारोगा श्रीचंद सिंह नेगी, चिंतामणी मैठाणी, आईडीपीएल चौकी प्रभारी दीपक तिवारी, कांस्टेबल नवनीत नेगी, अनिल कुमार, देवेंद्र चौधरी, मनोज, विकास, त्रिलोक चंद, पवित्रा, ज्योति, कविता, दीवान जयपाल सिंह आदि मौजूद थे।
पुलिस ने बताया कि मोटर वाइकिल एक्ट के तहत हालांकि 17 वर्ष की उम्र में लर्निंग लाइसेंस बनाया जा सकता है। मगर दोपहिया वाहन चलाने के लिए उम्र 18 वर्ष व ड्राइविंग लाइसेंस का होना जरूरी है। पुलिस की पाठशाला में अधिकारियों ने बच्चों को सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, साइबर क्राइम से जुड़ी घटनाओं से रूबरू कराया और इस माध्यम का उपयोग करने में जरूरी सावधानियां बरतने को कहा। बताया कि फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया माध्यमों में कोई भी पोस्ट डालने से पूर्व उससे समाज में पड़ने वाले अच्छे व बुरे प्रभाव की भलीभांति पड़ताल करने को कहा।
पुलिस के अनुसार किसी भी तरह की घटना के होने पर सीसीटीवी कैमरों से घटनाओं की तह तक जाने व उनसे जुड़े अपराधियों को पकड़ने में काफी हद तक मददगार साबित होते हैं। पुलिस ने सभी बच्चों से आह्वान किया है कि वह अपने अभिभावकों को सीसीटीवी की अहमियत समझाते हुए घर के बाहर कैमरे लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें।