पूर्व सीएम ने फेसबुक पर एक ऐसा पोस्ट डाला है जिसमें उन्होंने अपना दर्द बयां किया है। आगे पढ़िए क्या लिखा है सीएम ने इस पोस्ट पर..
कांग्रेस की मोटरसाइकिल रैली को लेकर छिड़ी रार थमने का नाम नहीं ले रही है। रैली में आमंत्रण को लेकर प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के बाद जब उनके सिपहसालार ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की तो पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के तरकश से एक और शब्द बाण बाहर निकला कि ‘मैं तरसता रहा, लेकिन आपने मुझे नहीं बुलाया।’ फेसबुक वॉल पर लिखी उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस के हलकों में चर्चा का विषय बनी है।
रैली में न बुलाए जाने के सवाल पर जब प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उन्हें आमंत्रित किए जाने के बारे में अपना पक्ष साफ किया तो जवाब में हरीश रावत ने भी फेसबुक पर फिर पोस्ट डाली।
उन्होंने लिखा,‘कुछ लोग मुझको सलाह दे रहे हैं कि मैं अपना मोबाइल रखूं। मैं उन दोस्तों से कहना चाहता हूं कि पूरन के जिस नंबर पर आप लोग मुझसे कई बार बातचीत कर चुके हैं, वो मेरा ही नंबर है। वही एकमात्र अब मेरा सहायक है जो रात-दिन मेरे साथ है। आप उसका नंबर तो भूल गए और नंबर आप खोजते ताकि औपचारिकता भी पूरी हो जाए और बुलाना भी न पड़े।
मैंने कहा, मुझे बहुत अच्छा लगा, बहुत अच्छा किया। मैं तरसता गया, लेकिन आपने नहीं बुलाया। कोई गिला नहीं, कार्यक्रम सफल होना चाहिए।’ हरीश रावत की इस पोस्ट पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य राजेंद्र शाह ने कमेंट्स कर यह एहसास दिलाया कि संगठन की ओर से दिग्गज नेता को सूचना भेजी गई थी।
बोले पूर्व मुख्यमंत्री बहुत हुआ, अब चैप्टर क्लोज
इसके समर्थन में उन्होंने रावत की पोस्ट के कमेंट्स बॉक्स में चंदन जीना को रैली के संबंध में भेजी गई सूचना का व्हाट्स एप स्क्रीन शाट भी डाला गया। साथ ही उन्होंने सभी नेताओं की संपत्ति की जांच की मांग भी कर डाली।
उनके इस कमेंट को लेकर हरीश रावत खेमे के नेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हालांकि, अभी यह प्रतिक्रिया खुलकर सामने नहीं आई है, लेकिन कहीं न कहीं इसने कांग्रेस के भीतर के अंतर्द्वंद्व को भी उजागर किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की फेसबुक पर रैली में न बुलाए जाने को लेकर की गई पोस्ट पर जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अब बहुत हो चुका है, इस चैप्टर को यहीं क्लोज हो जाना चाहिए। इससे आगे उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाही।