वन विभाग की महिला अफसर को व्हाट्स एप पर अश्लील फोटो भेजने के सिडकुल के पूर्व आरएम और वर्तमान में भीमताल औद्योगिक क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे जीएस रावत की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
वन विभाग की महिला अफसर को व्हाट्स एप पर अश्लील फोटो भेजने के सिडकुल के पूर्व आरएम और वर्तमान में भीमताल औद्योगिक क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे जीएस रावत की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पुलिस ने महिला अफसर सहित दो मामलों का हवाला देते हुए उनके खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी थी। शासन ने रिपोर्ट के आधार पर रावत के खिलाफ कार्रवाई के लिए सिडकुल के अफसरों को निर्देश दिए हैं। मामले में रावत के खिलाफ सिडकुल कार्यालय से गोपनीय जांच भी हो रही है।
23 सितंबर 2017 की रात सिडकुल के तत्कालीन आरएम जीएस रावत ने वन विभाग की महिला अफसर को व्हाट्स एप पर अश्लील फोटो भेज दी थी। इसके बाद आरएम ने महिला अफसर से माफी भी मांगी थी, लेकिन आरएम की हरकत अफसर को नागवार गुजरी और उनकी तहरीर पर 25 सितंबर को आरएम के खिलाफ सिडकुल चौकी में आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था।
आरएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद मुख्यालय ने उन्हें सिडकुल के आरएम पद से हटा दिया था। जीएस रावत को मुख्यालय से संबद्ध करने के बाद कुछ समय सितारगंज सिडकुल की जिम्मेदारी दी गई थी। वर्तमान में रावत भीमताल स्थित औद्योगिक क्षेत्र का जिम्मा संभाले हुए हैं।
शासन से जीएस रावत के खिलाफ कार्रवाई करने का पत्र
इधर, पुलिस ने महिला अफसर को अश्लील संदेश भेजने और नौकरी देने के नाम पर युवती को घर पर बुलाने के मामलों का जिक्र करते हुए शासन को रावत के खिलाफ रिपोर्ट भेजी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर शासन ने रावत के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सिडकुल जीएम झरना कमठान ने बताया कि शासन से जीएस रावत के खिलाफ कार्रवाई करने का पत्र आया है। रावत के खिलाफ क्या वैधानिक कार्रवाई हो सकती है, इसका परीक्षण किया जा रहा है। उनके खिलाफ गोपनीय जांच भी की जा रही है।
पूर्व आरएम ने दर्ज नहीं कराए बयान
महिला अफसर को अश्लील फोटो भेजने के मामले में सिडकुल के पूर्व आरएम ने पुलिस को बयान दर्ज नहीं कराए हैं। उन्होंने अपना फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए पुलिस को नहीं सौंपा है। बता दें कि खुद पर मुकदमा दर्ज होने के बाद सिडकुल के तत्कालीन आरएम जीएस रावत लंबी छुट्टी पर चले गए थे। इसके बाद उन्हें सिडकुल के आरएम पद से भी हटा दिया गया था।
मामले में महिला अफसर ने मुकदमा दर्ज होने के दो दिन बाद ही बयान दर्ज करा दिए थे, लेकिन पुलिस के नोटिस भेजने के बाद भी रावत बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे थे। एसओ पंतनगर संजय पाठक ने बताया कि पूर्व आरएम ने जल्द ही बयान दर्ज कराने के लिए आने की बात कही है। पूर्व में उनको बयान के लिए नोटिस भी भेजा जा चुका है।