पेपर लेस होगा ऋषिकेश का सरकारी अस्पताल
— अस्पताल को ई-हॉस्पिटल प्रोग्राम से जोड़ने की कार्यवाही शुरू
— रजिस्ट्रेशन और अन्य तमाम जानकारियां होंगी ऑनलाइन दर्ज
ऋषिकेश। केंद्र सरकार प्रदेश में सरकारी अस्पतालों को पेपर लेस करने की तैयारी कर रही है। इसमें तीर्थनगरी ऋषिकेेश के एसपीएस राजकीय चिकित्सालय को भी शामिल किया गया है। अस्पताल को एनआईसी के माध्यम से ई-हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर से लिंक करने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई है, जिससे अस्पताल में जल्द ही रजिस्ट्रेशन समेत अन्य सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन संचालित होंगी। इससे अस्पताल में पेपर वर्क नहीं के बराबर रह जाएगा।
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट प्रमिला रावत के मुताबिक नेशनल इंफोर्मेशन सेंटर (एनआईसी) अस्पताल को ई-हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर से जोड़ने जा रहा है। अस्पताल में ई-हॉस्पिटल सेवा के लिए अलग से सेंटर स्थापित किया जाना है, जोकि एनआईसी के देखरेख में तैयार किया जाएगा। सेंटर में मरीजों के रजिस्ट्रेशन, बिलिंग आदि की प्रक्रियाएं भी सॉफ्टवेयर में अपलोड की जाएंगी। इसमें मरीज के भर्ती और डिस्चार्ज होने समेत अन्य महत्वपूूर्ण जानकारियों का पूरा डाटा बेस संकलित होगा।
प्रोग्राम से लिंक होने के लिए अस्पताल प्रशासन को सेंटर के लिए चिकित्सालय में स्थान का चयन करना है, जिसका निरीक्षण एनआईसी की टीम द्वारा किया जाएगा और सेटअप की डिजाइनिंग आदि का जिम्मा भी एनआईसी के ऊपर ही होगा। बताया कि इस सुविधा के लिए अभी कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है, लेकिन सरकार की मंशा इस प्रोग्राम को तीन माह में पूरा करने की है।
ऑनलाइन भी कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
ऋषिकेश। एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट प्रमिला रावत के अनुसार अस्पताल में ओआरएस ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम की सुविधा है, लेकिन लोग जानकारी के अभाव में इसका लाभ नहीं उठा पाते। ज्यादातर लोगों का जोर मैनुअल रजिस्ट्रेशन पर रहता है, जबकि मैनुअल की बजाए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन काफी आसान है।
एम्स ऋषिकेश हो चुका है लिंक
ऋषिकेश। केंद्र सरकार के ई-हॉस्पिटल साफ्टवेयर से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पहले ही लिंक हो चुका है। संस्थान में मरीजों के लिए सभी सुविधाओं को ऑनलाइन किया गया है। सरकार अब शहरी क्षेत्रों के अस्पतालों को भी इस सुविधा से जोड़ने जा रही है, जिसके लिए बीते बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय में एनआईसी की टीम ने प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन भी दिया था, इसमें ऋषिकेश अस्पताल का नाम पहले से ही चयनित था।
क्या कहते हैं अधिकारी
अस्पताल को ई-हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर से जोड़ने के बाबत निदेशालय में बैठक हुई थी, जिसमें ऋषिकेश के अस्पताल का नाम भी शामिल है। इस दिशा में अस्पताल स्तर पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। सॉफ्टवेयर से लिंक होने के बाद स्थानीय लोगों को इसका काफी लाभ मिलेगा। पेपरवर्क में भी काफी हद तक कमी आएगी।
डा. एनएस तोमर, सीएमएस, सरकारी अस्पताल