नए कानून पर सरकार का विरोध, कल AIIMS से संसद तक मार्च के लिए आज जुटेंगे देशभर के 10,000 डॉक्टर्स

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केंद्र सरकार देश में चिकित्सा का नया कानून नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) लागू करने जा रही है, जिसे पिछले दिनों लोकसभा में पेश भी किया जा चुका है। डॉक्टरों के विरोध के चलते संशोधन के लिए स्टेंडिंग कमेटी में भेजा गया है। एनएमसी को इस सप्ताह लोकसभा में फिर से पेश किया जाना है। लेकिन उससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और डॉक्टरों के बीच सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू हो चुका है।

AIIMS के डॉक्टर सरकार के खिलाफ 6 को सड़क पर उतरेंगे

चार दिन पहले मंत्रालय ने करीब 30 सवालों के जवाब देते हुए इस कानून को मरीजों के लिए महत्वपूर्ण बताया। वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने पलटवार करते हुए मंत्रालय के हरेक जवाब पर अपना पक्ष रखते हुए कानून में संशोधन जरूरी बताया है। इन सब के बीच एम्स के डॉक्टरों ने एनएमसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा कर दी है। 6 फरवरी को एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों के अलावा फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) की अपील पर प्रदर्शन में देश के करीब 10 हजार डॉक्टर भी शामिल होंगे। ये सभी विभिन्न सरकारी अस्पतालों में बतौर रेजीडेंट मरीजों की सेवा कर रहे हैं।

AIIMS से संसद तक होगा मार्च, देश के 10 हजार डॉक्टर भी होंगे साथ 

एम्स रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरजीत सिंह भट्टी ने बताया कि नेशनल मेडिकल काउंसिल में संशोधन जरूरी है। अगर सरकार बगैर संशोधन के इस कानून को देश में लागू करती है तो ये चिकित्सीय वर्ग के खिलाफ होगा। इसलिए 6 फरवरी को दोपहर 1 बजे एम्स से संसद तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए डॉक्टर विरोध मार्च निकालेंगे। छह किलोमीटर लंबी इस विरोध रैली को लेकर वे मंत्रालय को भी पत्र लिख चुके हैं।

संशोधन नहीं तो देश में हड़ताल

फोर्डा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विवेक चौकसे का कहना है कि अगर संशोधन नहीं हुआ तो सरकार के खिलाफ पूरे देश में चिकित्सीय वर्ग हड़ताल पर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को कानून की खामियां दूर करने के लिए वक्त दिया है। इसके बाद भी ऐसा नहीं होता है तो ये सरकारी और प्राइवेट सभी डॉक्टरों के खिलाफ होगा।

आज से दिल्ली में जुटेंगे होम्योपैथी के डॉक्टर

एनएमसी कानून के समर्थन में देश भर के होम्योपैथी डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार से दिल्ली के रामलीला मैदान में देश के करीब 15 हजार होम्योपैथी डॉक्टर एकजुट होंगे। ये डॉक्टर छह फरवरी तक रामलीला मैदान में डटे रहेंगे। इनका कहना है कि एनएमसी बिल आयुष डॉक्टरों के समर्थन में है। इसमें बदलाव नहीं होना चाहिए।

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