अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शोधकर्ता से आतंकी बने मन्नान वानी की लोकेशन उत्तरी कश्मीर में देखी गई है। सुरक्षाबलों से कहा गया है कि वानी को जिंदा पकड़ा जाए । राज्य सरकार को रिपोर्ट मिली है कि वानी के एनकाउंटर से घाटी में फिर से हिंसा भड़क सकती है।
इसलिए बहुत सोच समझ से कदम उठाया जा रहा है। घाटी में शनिवार को अफवाह उड़ी थी कि सुरक्षाबलों ने मन्नान को मार गिराया है। जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ था। बल्कि जम्मू कश्मीर पुलिस ने इसका जोरदार शब्दों में खंडन किया। जाहिर है, जम्मू कश्मीर पुलिस को आशंका थी कि इससे हालत बिगड़ जाएंगे।
शनिवार को मन्नान के सोपोर में होने की सूचना के बाद कासो चलाया गया था। लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला। सूत्रों के मुताबिक स्थानीय पुलिस मन्नान के परिवार के साथ लगातार संपर्क में है। लगातार परिवार पर दबाव डाला जा रहा है कि मन्नान को समझा कर आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार करें।
उन्हें बताया जा रहा है कि अभी मन्नान के खिलाफ कोई केस नहीं। उसे आसानी से मुख्यधारा में लाया जा सकता है। उधर, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मन्नान वानी से अपील कर चुके हैं कि वह आत्मसमर्पण कर दे।
उमर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा था कि मुझे उम्मीद है कि मन्नान के दिमाग में बेहतर सोच आएगी। वह अपने हथियार छोड़ेगा। उसके लिए हिंसा का रास्ता छोड़ पुनर्वास का रास्ता अपनाने का मौका है।