कभी अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबी चौड़ी फौज से गुलजार रहने वाले प्रदेश के चौबटिया स्थित उद्यान निदेशालय में आज वीरानी छाई हुई है। उद्यान भवन में अधिकारियों की खाली कुर्सियां मुंह चिढ़ा रही हैं। राज्य बनने के बाद से ही निदेशालय में निदेशक सहित तमाम जिम्मेदार अधिकारी यहां नियमित रूप से नहीं बैठ रहे। बताया गया है कि कई अधिकारियों का वेतन भी यहीं से निकलता है, लेकिन वह रहते देहरादून में हैं। वर्तमान में पूरे निदेशालय का दारोमदार एकमात्र उपनिदेशक पर है। सुबह अमर उजाला की टीम ने जब निदेशालय की पड़ताल की तो वहां जिम्मेदार अधिकारियों की कुर्सियां खाली मिली।
अमर उजाला की टीम सुबह 11.30 मिनट पर उद्यान निदेशालय पहुंची। बिजली नहीं होने के कारण कुछ कर्मचारी बाहर गुनगुनी धूप का आनंद ले रहे थे। निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक, अपर निदेशक सहित तमाम अधिकारियों से गुलजार रहने वाला उद्यान भवन में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था। निदेशक के पद पर 2015 में डॉ. बीएस नेगी की तैनाती हुई, लेकिन वह मात्र चार बार ही यहां पहुंचे हैं, संयुक्त निदेशक के कक्ष में गए तो पता चला कि इस पद पर नियुक्त आरके सिंह दिसंबर 2017 से यहां आए ही नहीं।
अपर निदेशक आरसी श्रीवास्तव भी देहरादून में ही हैं। सूत्रों के अनुसार शोध अधिकारी भी देहरादून में ही हैं। वर्तमान में पूरे निदेशालय का जिम्मा एकमात्र उप निदेशक उमाशंकर सिंह के पास है। फाइलें लेकर कर्मचारियों को कई बार देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है।