हल्द्वानी। सहकारी समितियों के कुमाऊं मंडल सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि भाजपा की सरकार सहकारिता आंदोलन को खत्म करना चाहती है। जिसके लिए मनमाने ढंग से नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। किसानों को सुविधाएं देने के बजाए ऋ ण बांटकर और अधिक कर्जदार बनाने का प्रयास किया जा रहा है। समय आने पर प्रदेश की जनता इनको जवाब देगी।
नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने कहा कि सहकारिता में प्रशासक बैठने की भाजपा की रणनीति का कानूनी तरीके से जवाब दिया जाएगा। मामले में दो सदस्यों की कमेटी बनाई जाएगी,जो सहकारिता के कानून को लेकर भाजपा सरकार से लड़ेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता व उच्च शिक्षा मंत्री अपना आपा खो चुके हैं। डिग्री कॉलेज के प्रोफेसरों को बिना कारण निलंबित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई गलत बयानबाजी अख़बारों में न आए। ताकि गुटबाजी की अफवाहों को रोक जा सके। उन्होंने कहा जिनकी नींव कमजोर थी अब वो भाजपा में चले गए हैं।
सम्मेलन को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने त्रिपुरा से फोन से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दिल हमेशा उत्तराखंड में ही रहता है। कांग्रेस ने ही सहकारिता को आगे बढ़ाया। अब भाजपा इस मिशन को खत्म करने की साजिश रच रही है। सहकारिता के ढांचे से छेड़छाड़ की कोशिश शुरू हो गयी हैं। जिसका जवाब दिए जाने का समय आ गयाहै। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी से तीन राज्यों तीन व्यापारी और किसान आत्महत्या कर चुके हैं। किसानों व व्यापारियों के दर्द को कम करने के बजाए भाजपा के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत इसको फैशन बता रही हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन वाली भाजपा सरकार हर क्षेत्र में विफल साबित हो रही है। सरकार ने उत्तराखंड के विकास को रोक दिया है। एनएच घोटाले की जांच में अपनी पीठ थपथपाने वाली भाजपा के विधायक ही जांच पर सवाल उठा रहे हैं।
राज्य सभा संसाद प्रदीप टम्टा ने कहा कि भाजपा कोआपरेटिव कानून में कमी ढूंढ रही है। ताकि कॉआपरेटिव आंदोलन को खत्म किया जा सके। ऐसे में जनता व किसानों के मोर्चे पर आंदोलन की जरूरत। देश में फासीवाद व साम्प्रदायिकता का जहर घोलने की साजिश शुरू हो चुका है। उन्होंने भाजपा को 25 करोड़ का दान देने वाले दानदाताओं की सूची सार्वजनिक करने की मांग की।