पति की मौत हुई तो अंतिम संस्कार के लिए दो पत्नियों में खूब लड़ाई हुई। लेकिन वजह जानकर पुलिस भी हैरान रह गई।
प्रेमनगर में आईएमए कर्मचारी के शव पर दो पत्नियों की दावेदारी से बखेड़ा खड़ा हो गया। एक बीवी लक्खीबाग तो दूसरी नंदा की चौकी स्थित शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कराना चाहती थी।
शव को सड़क पर रखकर दोनों पक्षों में जमकर तकरार हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जैसे-तैसे स्थिति को संभाला। कई घंटे की गहमागहमी के बाद पुलिस ने केहरी गांव में शव का क्रियाकर्म करा दिया।
दावेदार दोनों बीवियों से दस्तावेजी साक्ष्य मांगे गए हैं। आईएमए में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजय (58) बीमारी के चलते दून अस्पताल में भर्ती थे, जहां पर बृहस्पतिवार को उनका निधन हो गया। प्रेमनगर के विंग नंबर एक स्थित घर में विजय का शव लाया गया था, जहां पर पत्नी किरण अपनी बेटियों के साथ विलाप कर रही थीं।
इसी बीच दूसरी पत्नी लक्ष्मी अपने बेटों के साथ आ गईं। दोनों पत्नियों में शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। किरण शव का अंतिम संस्कार केहरी गांव में करने की तैयारी में थीं, जबकि लक्ष्मी पति के शव को लक्खीबाग शमशान घाट ले जाना चाहती थीं।
शव को सड़क पर रखकर दोनों बीवियों और बच्चों में तकरार होने से हंगामा हो गया। मौके पर तमाशबीनों का तांता लग गया। इसी बीच प्रेमनगर पुलिस भी मौके पर आ गई। पुलिस के सामने दोनों ही बीवियां अपनी-अपनी दावेदारी करती रहीं।
एक बार तो पुलिस भी उलझ गई, मगर बाद में केहरी गांव में शव के अंतिम संस्कार का फैसला किया गया। वहीं इसकी वजह जानकर पुलिस भी हैरान रह गई। एसओ मुकेश त्यागी का कहना है कि दोनों पत्नी विजय का मृत्यु प्रमाण पत्र चाहती हैं, ताकि नौकरी और देय रकम पर दावा किया जा सके। दोनों बीवियों से दस्तावेज साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया है