मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए किसानों, नौजवानों, महिलाओं और गांवों को ध्यान में रखकर समग्र विकास की दृष्टि वाला बजट पेश किया है। बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास व किसान को ध्यान में रखा गया है। सरकार तीन साल में 20 लाख युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने बजट के बाद तिलक हॉल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। 2017-18 का बजट 384659.71 करोड़ का था। 2018-19 में 428384.52 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है। यह चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में 11.4 प्रतिशत ज्यादा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने विकासपरक बजट प्रस्तुत करने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को ध्यान में रखा है। बजट में राजस्व बचत है, राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत के अंदर तथा ऋण ग्रस्तता 30.5 प्रतिशत से कम है, जो राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंध अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर पर पूरा फोकस किया है। बिजली के लिए 19,883 करोड़ रुपये दिए हैं जो चालू वित्त वर्ष से 54 प्रतिशत, लोक निर्माण विभाग की सड़कों व पुलों के लिए 17,615 करोड़ दिए हैं जो 22 प्रतिशत अधिक है। सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, जल निकासी तथा मरम्मत के लिए लंबित सिंचाई परियोजनाओं के लिए 10938 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो 54 प्रतिशत ज्यादा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नौकरियों के साथ रोजगार के भरपूर अवसर मिलेंगे। बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो नौकरी की जगह स्वरोजगार को प्राथमिकता देते हैं। इसे देखते हुए सरकार ने स्टार्ट-अप के लिए 250 करोड़ व वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट के लिए 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इससे हर जिले में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा इन्वेस्टर्स समिट में बड़े निवेश होंगे। इससे नौकरियों के बड़े अवसर पैदा होंगे।
समिट में होने वाले एमओयू व उनके बेहतर क्रियान्वयन से बड़े बदलाव आएंगे। यूपी को बीमारू प्रदेश की पहचान से मुक्ति मिलेगी। प्रदेश स्वस्थ व समृद्ध बनेगा। सरकार ने 1.37 लाख शिक्षकों, 1.62 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की योजना बनाई है। पहले चरण में दोनों भर्तियां चल रही हैं। इसके अलावा राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड भर्तियां लाने वाले हैं।
किसानों का ख्याल बरकरार, 1 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरयू नहर प्रणाली 1971 में 175 करोड़ रुपये से शुरू हुई थी, वह 10 हजार करोड़ खर्च होने के बाद भी पूरी नहीं हो पाई। मध्य सरयू नहर के दूसरे चरण और कनहर व बाणसागर परियोजना पूरी होने से एक्र लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। इसके लिए बजट में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। कृषि, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, पशुधन, डेयरी विकास व सहकारिता के लिए 8403 करोड़ का बंदोबस्त किया गया है जो 17.5 प्रतिशत ज्यादा है। ग्राम्य विकास के लिए 22,110.72 करोड़ रुपये का प्रावधान है जो 28.80 प्रतिशत ज्यादा है। पंचायतीराज को 17,222 करोड़ रुपये मिलेंगे, यह 16 प्रतिशत अधिक है।
लैपटॉप की जगह अच्छी शिक्षा को प्राथमिकता
कॉलेज में दाखिला लेने वाले युवाओं के लिए लैपटॉप दूसरे बजट में शामिल नहीं हो सका। इससे जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने छात्रों को अच्छी शिक्षा व अच्छा पाठ्यक्रम देने का प्रयास शुरू किया है। बेसिक से माध्यमिक तक बेहतर पाठ्यक्रम लागू करेंगे।
जो सामूहिक विवाह नहीं करना चाहते, उनके लिए 478 करोड़
योगी ने कहा कि सरकार ने गरीब परिवारों को बेटियों की शादी में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरू की है। इसके लिए 250 करोड़ रुपये दिए हैं। हालांकि तमाम ऐसे भी लोग हैं जो सामूहिक विवाह में शामिल नहीं होना चाहते। श्रमिकों, एससी, एसटी, ओबीसी व अल्पसंख्यकों के लिए अलग-अलग योजनाएं भी जारी रहेंगी। निर्धन परिवार की कन्याओं के विवाह के लिए 478 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
एक साथ चार एक्सप्रेस-वे पर काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 650 करोड़, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए 1000 करोड़, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 550 करोड़ और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से जुड़े कार्यों के लिए 500 करोड़ की बजट व्यवस्था की है। इससे पिछड़े क्षेत्रों के विकास की रफ्तार तेज होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नई औद्योगिक नीतियों पर अमल के लिए 1400 करोड़ रुपये का बंदोबस्त किया है। इसके अलावा कानपुर, आगरा व मेरठ में मेट्रो का काम आगे बढ़ेगा और वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद व झांसी की डीपीआर बनेगी। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत मंडल स्तर पर हवाई सेवाएं शुरू करने के लिए 150 करोड़ रुपये दिए हैं।
ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन व शासन में जवाबदेही व पारदर्शिता के लिए सीएम हेल्पलाइन शुरू की जा रही है। टोल-फ्री नंबर पर लोग अपनी शिकायत पहुंचा सकेंगे। हर शिकायत तय समय सीमा में निस्तारित होगी। इसके लिए 40 करोड़ मिले हैं। एक अप्रैल से ई-ऑफिस की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके लिए 30 करोड़ दिए गए हैं।
ताजमहल का पूरा ख्याल
एक सवाल के जवाब में योगी ने कहा कि ताजमहल को लेकर पहले से 372 करोड़ रुपये के काम हो रहे हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने जो 10 आइकॉनिक स्पॉट चिह्नित किए हैं, उनमें आगरा से फतेहपुर सीकरी तक का हिस्सा शामिल है।
श्मशान स्थल और कब्रिस्तान की जगह अंत्येष्टि स्थल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार श्मशान स्थल और कब्रिस्तान की जगह ग्रामीण क्षेत्रों में अंत्येष्टि स्थल के लिए 100 करोड़ रुपये दे रही है। इससे जहां आवश्यकता होगी, वहां बिना भेदभाव के कार्य कराए जाएंगे। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में अंत्येष्टि स्थल के लिए भी 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
किसानों को छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात
मुख्यमंत्री ने कहा कि छुट्टा पशुओं से किसानों की फसल को नुकसान की बात सामने आई है। इसे देखते हुए हर जिले व विकास खंड में मनरेगा व अन्य विभागों के मदद से निराश्रित पशु गौसदन व गौ अभयारण्य विकसित किए जाएंगे। दो चरण में यह काम होगा। मनरेगा के कन्वर्जन से कानपुर, ललितपुर व सहारनपुर जैसे जिलों में इस पर काम शुरू हो चुका है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में छुट्टा पशुओं के लिए कान्हा उपवन विकसित होंगे।
वित्त मंत्री की टीम को दी बधाई
योगी ने बेहतर बजट पेश करने के लिए वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, वित्त राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल और प्रमुख सचिव वित्त संजीव मित्तल सहित उनकी पूरी टीम को बधाई दी।