अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल या मौत होने के मामले में संबंधित व्यक्ति या परिवार को सोलेशियम स्कीम के तहत आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है, लेकिन अधिकांश लोगों को स्कीम के बारे में पता नहीं है। राज्य में 2017 में एक भी मामले में सोलेशियम स्कीम के तहत आर्थिक सहायता नहीं दी गई है।
सहायक परिवहन आयुक्त एसके सिंह के अनुसार हिट एंड रन केस में घायल को 12 हजार 500 और मृत व्यक्ति के परिजनों को 25 हजार की सहायता देने का प्रावधान है।
इसके लिए तहसील स्तर पर दावा जांच अधिकारी (सामान्य तौर पर एसडीएम स्तर का) होता है, जहां पर प्रभावित व्यक्ति और परिवार को सोलेशियम स्कीम के लिए आवेदन (सोलेशियम फॉर्म-1 पर) करना होता है।
दावा जांच अधिकारी को एक महीने के अंदर मामले की जांच कर दावा निष्पादन आयुक्त (जिला अधिकारी) के पास प्रस्तुत करना होता है। दावा निष्पादन अधिकारी प्रकरण का परीक्षण कर जिले की लीड बीमा कंपनी को सहायता राशि देने का निर्देश देता है।
सड़क सुरक्षा लीड एजेंसी के सहायक निदेशक नरेश सिंघल के अनुसार सोलेशियम स्कीम को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम किया जा रहा है।