कुमाऊं की सबसे बड़ी मंडी को 2 करोड़ 74 लाख के राजस्व का नुकसान, वजह- बीजेपी सरकार?

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हल्द्वानी। कुमाऊं की सबसे बड़ी मंडी को 2017-18 के वित्तीय वर्ष में अबतक करीब 2 करोड़ 74 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है। मंडी समिति अध्यक्ष सुमित हृदयेश के मुताबिक पिछले 5 सालों में लगातार हर साल 25 फीसदी राजस्व बढ़ाया जा रहा था लेकिन केंद्र द्वारा लगाये गए जीएसटी और आमजन विरोधी नीति के चलते अबतक करोड़ों का नुकसान हो गया है।

सुमित हृदयेश ने बताया कि दो करोड़ 74 लाख के नुकसान में से एक करोड़ 24 लाख का नुकसान धान की वजह से हुआ है, क्योंकि नई नीति लागू होने से धान की आवक बिलकुल जीरो हो गया है, जिससे धान उत्तर प्रदेश की तरफ जा रही है। इससे मंडी को आगे और भी कई बड़े-बड़े नुकसान होंगे।

इतना ही नहीं मंडी समिति अध्यक्ष ने कहा कि लकड़ी और फर्नीचर में 12 फीसदी जीएसटी लगने की वजह से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान के लिए सरकार ने जो पॉलिसी बनाई है वो नुकसान के सिवाय और कुछ नहीं कर रही है। सरकार ने तो मंडी परिसर में 2017 के बाद शहीद के परिवारों को दुकान आवंटित करने के प्रस्ताव पर सरकार के स्तर से कोई निर्णय न लिए जाने की भी निंदा की।

सुमित हृदयेश ने मंडी विस्तार को लेकर चयनित जमीन पर आइएसबीटी बनवाने के मामले पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि सरकार अपना निर्णय नहीं बदलती है तो एक बड़ा आंदोलन होगा, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।

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