भवाली के संजय जोशी, हल्द्वानी के भोला दत्त भट्ट, ग्राम पंचायत बाबूगढ़, संघर्ष समिति कोटद्वार समेत प्रदेश के कई ग्रामीणों ने सरकार के आदेश को कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा है कि सरकार ने 20 नवंबर 2017 को नोटिफिकेशन जारी कर पंचायत को नगर पालिका में शामिल किये जाने के निर्देश दिए थे जो कि नगर पालिका के मानकों के अनुरूप नहीं है।
गौरतलब है कि भीमताल, बागेश्वर, उत्तरकाशी, देहरादून, हल्द्वानी सहित कई राजस्व गांवों को निकायों में शामिल किया गया है। इस पर आपत्ती दर्ज करते हुए याचिका में कहा गया है कि भौगोलिक परिस्थिति के अनुरूप ये गांव शहर से कई किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। वर्तमान में यहां सड़क समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है, इन गावों में रहने वाले काश्तकारों का जीवन कृषि पर ही निर्भर है ऐसे में राजनीतिक लाभ लेने की मंशा से सरकार ने सीमा विस्तार का नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन जारी करने से पूर्व ग्राम पंचायतों को विश्वास में नहीं लिया गया।