जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग के लिए भारत बचाओ महा रथयात्रा में विजयकांत चौहन ने लिया प्रण

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श्री राम सेना के अध्यक्ष विभोर राणा व वन्दे मातरम मिशन एक चिंगारी ट्रस्ट के संस्थापक़ विजयकान्त चौहान ने राष्ट्र निर्माण संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरेश चव्हाणके जी के नेतृत्व में जनसख्या नियंत्रण कानून लागू करवाने के लिए देश भर में 18 फरवरी से जम्मू से आरम्भ हो चुकी भारत बचाओ महा रथयात्रा के लिये सहारनपुर के सन्त समाज से समर्थंन मांगने और आम लोगों को प्रेरित करने के लिए नगर के प्रमुख समाजिक सगठनों सन्तो ओर हिन्दू सगठनों से जनसम्पर्क कर भारी संख्या में पहुंचकर सहयोग की अपील की
विजयकान्त चौहान ने बताया कि यह रथ यात्रा जम्मू से कन्याकुमारी तक और कन्याकुमारी से दिल्ली तक 18 फरवरी से शुरू होकर 22 अप्रैल तक चलेगी।
भारत माता चौक पर स्वागत सभा में यात्रा में शामिल सयोजको व कार्यकताओ का तलवार पगड़ी माला से होगा ऐतिहासिक
आज श्री राम सेना के अध्यक्ष विभोर राणा व भगवा राष्ट्र वाहिनी की जिला अध्यक्ष सारिका अग्रवाल ने स्थानीय बजरंग विश्व हिन्दू परिषद भाजपा हिन्दू युवॉ वाहिनी शिवसेना के प्रतिनिधियों से भी संर्पक किया और भारत बचाओ महा रथ यात्रा के कैराना से होते 22 फरवरी को सहारनपुर पर पहुंचने पर रास्ते मे अपने अपने सगठनों द्वारा स्वागत करने की अपील की व
भारत माता चौक नुमाइश कैम्प में जहां राष्ट्र निर्माण सगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरेश चव्हाणके समेत कई राष्ट्र भक्त स्वागत सभा जनसभा को सम्बोधित करेंगे।उस के बाद यात्रा गागलहेड़ी भगवानपुर से हरिद्वार से जनसभा को सम्बोधित कर विभिन्न मार्गों से होती हुई यात्रा मुज़फ्फरनगर मेरठ की तरफ रवाना होगी।
विजयकान्त चौहान ने जनसम्पर्क व बैठकों के जरिये मिले भरपूर समर्थन की जानकारी देते हुए प्रेस नोट जारी कर कहा कि
जिस तरह से भारतवर्ष में हिन्दुओ का जनसँख्या अनुपात घट रहा है। वह बहुत ही चिंता का विषय है। देश आजादी के समय यहाँ हिन्दुओ की संख्या लगभग 90 प्रतिशत थी जो अब घट कर लगभग 71 प्रतिशत रह गयी है।यह देश हिन्दू बाहुल्य होने के कारण ही लोकतान्त्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश है।यदि यहाँ हिन्दुओ की जनसँख्या घट गई तो ये देश न तो लोकतंत्र रहेगा और न ही धर्मनिरपेक्ष। तब यह देश भी मिश्र,सीरिया,लेबनान,इराक,ईरान,अफगानिस्तान,पाकिस्तान और बांग्लादेश की तरह गृहयुद्ध में गर्क होकर तबाह और बर्बाद हो जायेगा
उन्होंने कहा कि जिस देश की आबादी 30% मुस्लिम हो गई उस देश में केवल 25 वर्ष के अंदर मुसलमान फिर किसी को भी जीवित नही छोड़ते
उन्होंने कहा कि आप मिस्र को देख लीजिए लेबनान,ईरान,सीरिया,जॉर्डन में इस्लामिक जिहाद सब को खा गया

उन्होंने कहा कि अगर इसी प्रकार मुस्लिम आबादी बढ़ती रही तो 2029 के बाद इस देश मे हिन्दू पीएम नही बन सकेगा।
इस महाविनाश से बचने के केवल दो रास्ते हैं। एक तो ये है कि हिन्दू भी मुस्लिमो की तरह अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने शुरू कर दे और सारे विकास को खत्म करके देश को तबाह कर दे या सरकार देश में चीन जैसे कठोर जनसँख्या नियंत्रण कानून को बना दे।
उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्वि के कारण देश मे बेरोजगारी,विकास में रुकावट,भुखमरी,जुर्म,अशुद्ध वातावरण,गंदगी आदि की समस्याएं बढ़ती है।
आज देश का हर बुद्धिजीवी बढ़ती हुई आबादी के खतरे के बारे में सोच रहा है परंतु सरकार कान में रुई ठूसकर बैठ गयी है।सरकार को जगाने के लिये जनमानस का जागृत होना बहुत जरूरी है।इसी उद्देश्य के लिये सुरेश चव्हाणके जी 20000 किलोमीटर की 25 राज्यों में यात्रा निकाल रहे हैं जिसमे 10 करोड़ लोगो के हस्ताक्षर करवा कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को देंगे।

विजयकान्त ने सहारनपुर के सन्त समाज और जनता से इस यात्रा में तन,मन और धन से सहयोग करने की अपील की।
विभोर राणा ने कहा कि ये यात्रा परिवार और देश को बचाने के लिए निकाली जा रही है। कई राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुका है। उन्होंने कहा कि
भारत में खतरनाक रूप से बढ़ती असंतुलित जनसंख्या के कारण देश की एकता, अखंडता, सम्प्रभुता तथा लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। देश में बहुसंख्यक हिंदू समाज की जनसंख्या  तेजी से  घटती जा रही है और देश का जनसांख्यिकीय अनुपात इस कदर बिगड़ गया है कि कई राज्यों में पूर्ण रूप से और  कुछ राज्यों में क्षेत्रीय स्तर पर हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुका है।इस लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून देश व हिन्दू समाज के हित के लिए बहुत जरूरी है।इस के लिए सभी भारत वासियों को पूरे जोरो शोरो से आवाज उठानी पड़ेगी।
नही तो वो दिन दूर नही जब मुस्लिमों की बढ़ती जनसंख्या हिंदुओ के लिए आत्मघाती साबित होगी।
इस लिए अब हाथ पर हाथ धर कर बैठने का समय नही है ।

जनसंख्या वृद्धि दर का खतरनाक स्वरुप

भारत की अत्यंत तेजी से बढ़ रही जनसंख्या आज एक विकराल रुप धारण कर चुकी है। आज़ादी के पहले 1941  की जनगणना में अखंड भारत की आबादी लगभ 32  करोड़ थी, जो आज़ादी के बाद विभाजन के बावजूद साढ़े चार करोड़ बढ़ कर 36.10  करोड़ हो गई। हर दशक में 20% की वृद्धि के साथ 50 वर्षों में देश की जनसंख्या साढ़े तीन गुनी बढ़कर 2011 में 121  करोड़ हो गई। इसी तरह यह जनसंख्या बढ़ती रही तो 2021 में हमारी आबादी 133 करोड़ और 2026 में 140 करोड़ हो जाएगी और हम जल्द ही चीन की जनसंख्या को पार कर जाएंगे।  देश की जनसंख्या वृद्धि की इस बेलगाम दर का कारण सिर्फ जन्म दर में वृद्धि ही नहीं है, बल्कि बांग्लादेश और म्यांमार से संगठित और अवैध रूप से घुसपैठ कर भारत में रह रहे घुसपैठियों की एक बड़ी संख्या भी है। एक आंकड़े के अनुसार 5 करोड़ से भी ज्यादा अवैध घुसपैठिये इस समय देश के अलग अलग राज्यों में रह रहे हैं। इस अवैध घुसपैठ के कारण  पश्चिम बंगाल, असम और केरल जैसे राज्यों का जनसांख्यिकीय अनुपात असंतुलित हो गया है। कई राज्यों में बहुसंख्यक आबादी अल्पसंख्यक हो गई है। हमारी सांस्कृतिक पहचान का स्वरूप विकृत हो रहा है।
जनसम्पर्क में विवेक प्रताप सिंह दीपक शर्मा सारिका अग्रवाल सोराज सिंह राणा रवि पण्डित जी वासु कश्यप चेतन गुर्जर सचिन नमन सिंह सूरज शुक्ला शुभम गायक चौधरी वासु रवि मोहित रुद्र जी नितिन राणा अनिल सैनी दिनेश आशु पण्डित हरदीप राणा अंकुर रादौर आकाश घाटेड जी अर्जुन सिंह विकास जी का सहयोग रहा ।

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