प्रेम ही भक्ति का आधार है प्रेम बिना भक्ति अधूरी है

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संत निरंकारी मंडल की ओर से बाबा हरदेव सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में दो दिवसीय गुरु पूजा कार्यक्रम विधिवत शुरू हो गया। जिसके तहत पहले दिन शुक्रवार को सत्संग सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मिशन के अनुयायियों ने आध्यात्मिक गीत, भजनों के माध्यम से गुरु की महिमा का गुणगान किया।
शुक्रवार को गंगानगर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में मिशन के महात्मा कुंदन सिंह रावत के सानिध्य में सत्संग सभा का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि गुरु की शिक्षा को जीवन में उतारना और उसका अनुसरण करना ही गुरु की सच्ची भक्ति है। महात्मा ने कहा कि सत्संग में शामिल होने से जीव के मन का मैल धुल जाता है और निर्मल मन परमात्मा की भक्ति में लीन हो जाता है। कहा कि जीवन में भक्ति आने से ही सुख की अनुभूति संभव है। प्रेम के बिना भक्ति अधूरी है, अवगुणों को छोड़कर गुणों को धारण करना ही भक्ति है। उन्होंने कहा कि युगों से महापुरुषों से मनुष्य को प्रेम और शांति से रहने का संदेश दिया है, जीव को इसे आत्मसात करने की आवश्यकता है। इस मौके पर मिशन के अनुयायियों ने भजनों व आध्यात्मिक गीतों के जरिए गुरु महिमा का बखान किया। इस अवसर पर मिशन के स्थानीय प्रमुख हरीश बांगा, दुष्यंत वैद्य, सुरेंद्र कथूरिया, राजन निरंकारी, कृष्णानंद खंडूड़ी, जीएस चौहान, शांति प्रसाद उनियाल, पृथ्वी रमोला, अवनीत कुमार, धर्मेंद्र पयाल आदि मौजूद थे।

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