देहरादून, अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर भारतीय मजदूर संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार के द्वारा पेश किए गए बजट के विरोध में प्रदेश के समस्त जिलों व ब्लाकांे में प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम बजट में संशोधन के लिए जिला प्रशासन के जरिये ज्ञापन प्रेषित किया। कहा कि शीघ्र ही कार्यवाही न होने पर आंदोलन को तेज किया जायेगा।।
यहां भारतीय मजदूर संघ से जुड़ी हुई उत्तरांचल आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सुशीला खत्री के नेतृत्व में बीएमएस व आंगनवाडी से जुडे हुए कार्यकत्र्रियां व सहायिका जिलाधिकारी कार्यालय में इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किये गये बजट को पूर्ण रूप से श्रमिक विरोधी करार देते हुए जमकर प्रदर्शन किया और कहा कि केन्द्र सरकार ने इस बजट को तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिया तो सडकों पर उतरकर जनांदोलन किया जायेगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि इस बजट में आंगनबाड़ी कर्मचारियों व कार्यकत्र्रियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एवं संगठित व असंगठित क्षेत्र में कार्य कर रहे मजदूरों को हक दिलाने की बात कही थी उस पर यह सरकार खरी नहीं उतर रही है।
बीते वर्ष 17 नवंबर लाखों की संख्या में मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार के पांच मंत्रियों की टीम द्वारा श्रमिक हितों में शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आयकर छूट सीमा बढाकर पांच लाख तथा आयकर सेंस समाप्त किया और आंगनवाडी, आशा, काशा फेसिलिटेटर, मिड डे मील, भोजन माता स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करते हुए ईपीएफ, ईएसआई पेंशन लाभ तथा न्यूनतम वेतन अटठारह हजार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि रेलवे, रक्षा, बैंक, बीमा आदि सार्वजनिक उद्योगों में विनिवेश एवं एफडीआई पर रोक लगाई जाये और प्रिंटिंग प्रेस बंदी की जाये अन्यथा इसके लिए जनांदोलन किया जायेगा। इस अवसर पर जिला प्रशासन के जरिये प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए उचित कार्यवाही किये जाने की मांग की गई। इसअ वसर पर अनेक कार्यकर्ता व सहायिकाओं के साथ अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।