चंबा। द्रम्म्ण-जोत-किलाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) 6 करोड रूपए की राशि से तैयार होगी। डीपीआर तैयार करने वाली कंसल्टेंसी एजेंसी ही यह तय करेगी कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग में टनल बनाने की कितनी संभावनाएं मौजूद हैं। लोकसभा सांसद शांता कुमार ने सोमवार को चंबा में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति ( दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा के लिहाज से भी आने वाले समय में महत्वपूर्ण साबित होगा। जिले के चुवाड़ी और किलाड़ में बनने वाली सीवरेज योजनाओं की प्रगति की सुस्त रफ्तार पर शांता कुमार ने कहा कि अगर आज से कई साल पहले चुवाड़ी की इस योजना के लिए 75 लाख रुपए की राशि जारी कर दी गई थी, तो इतने लंबे समय के बाद भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम ना शुरू होना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर जांच की जानी चाहिए और इसमें बाकायदा जिम्मेदारी तय की जाए। किलाड़ में प्रस्तावित सीवरेज योजना की प्रगति पर विधायक जियालाल के उठाए गए सवाल को लेकर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता ने अवगत किया कि फिलहाल 80 लाख रुपए के बजट से पाइपों की खरीद कर ली गई है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जगह चिन्हित है और इसी वर्ष प्लांट का कार्य शुरू हो जाएगा। शांता कुमार ने निर्देश दिए कि वर्ष 2012 के बाद चंबा जिले में निर्मित मकान और उनमें शौचालय की व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट तैयार की जाए। मात्र बजट खर्च करना उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना महत्वपूर्ण उसके परिणाम है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए शांता कुमार ने कहा कि इस योजना के तहत जिन लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है उनका यह आंकड़ा भी मौजूद होना चाहिए कि उनमें से कितनों को रोजगार मिला। यदि रोजगार नहीं मिला तो प्रशिक्षण का कोई औचित्य नहीं रह पाता है। लोगों तक यह जानकारी भी निरंतर जानी चाहिए कि विभाग किन-किन स्कीमों को लेकर प्रशिक्षण मुहैया कर रहे हैं। शांता कुमार ने कहा कि चंबा जिला में अभी भी ऐसे गांवों हैं जो सड़क सुविधाओं से नहीं जुड़ पाए हैं । लोक निर्माण विभाग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत अन्य योजनाओं के तहत ऐसे गांवों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिन्हें सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाना बाकी है। जिला नियंत्रक ने बताया कि अभी तक जिले में इस योजना के तहत उज्जवला योजना के तहत 3400 गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। उपायुक्त हरिकेश मीणा में बताया कि जिले में शिक्षण संस्थानों के औचक निरीक्षण के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जब जिले में प्रवास पर रहते हैं तो शिक्षण संस्थानों का भी औचक निरीक्षण करें। बैठक में जिला भाजपा अध्यक्ष डी एस ठाकुर के अलावा उपायुक्त हरिकेश मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त हेमराज बैरवा और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और समिति के गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।