देहरादून, साधन समिति सचिव परिषद उत्तराखंड एवं आंकिक कर्मचारी संगठन साधन सहकारी समिति उत्तराखंड ने अपनी मांगों के समाधान के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखते हुए धरनास्थल पर डटे रहे।
आज यहां परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर साधन समिति सचिव परिषद उत्तराखंड एवं आंकिक कर्मचारी संगठन साधन सहकारी समिति उत्तराखंड ने अपनी मांगों के समाधान के लिए अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल को रविवार का अवकाश होने के बाद भी जारी रखते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर धरना दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लगातार अपनी मांगों के समाधान के लिए संघर्ष किया जा रहा है लेकिन लगातार आश्वासन दिये जाने के अलावा किसी भी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है।
उनका कहना है कि एक जनवरी 2016 से कैडर सचिवों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाये, इस ओर भी आज तक किसी भी प्रकार की कोई नहीं हुई है। कैडर सचिवों का ग्रेड वेतन 2899 रूपये किया जाये और यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही है लेकिन कार्यवाही नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि समिति कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पैक्स कैडर सचिवों के खाली पदों पर आंकिकों की पदोन्नति की जाये, केवल आश्वासन मिले लेकिन कार्यवाही नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि समितियों के व्यवसायों के अनुसार कर्मचारियों का वर्गीकरण कर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतनमान लागू किया जाये और समिति कर्मचारियों का जिला कैडर बनवाया जाये। उनका कहना है कि लगातार संघर्षरत होने के बावजूद भी उनकी मांगों पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही है। उनका कहना है कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को तेज किया जायेगा और इसके लिए रणनीति तैयार की जायेगी।
इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। उनका कहना है कि कैडर सचिवों की सेवाओं का सरकारीकरण कर वेतन की स्थाई व्यवस्था की जानी चाहिए और अभी इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिससे रोष बना हुआ है। लगातार संघर्ष के बावजूद किसी भी प्रकार की कार्यवाही सरकार की ओर से नहीं की जा रही है।
इस अवसर पर संरक्षक राजपाल तोमर, किशोर कुमार, कृष्ण सिंह, रमेश शर्मा, शंकर दत्त पांडे, देवेन्द्र सिंह राणा, कर्ण सिंह राणा, प्रकाश चन्द्र, हीरा सिंह रावत, जय सिंह राणा, प्रमिला कठैत, कर्ण सिंह बिष्ट, धर्मानंद सेमवाल, महावीर गुसांई, हरीश सिंह, हिमांशु जैसाली, प्रकाश सिंह, महेश सिंह बोहरा, हिमांशु भटट, हीरा बल्ल भटट, सदानं पांडे, यदुवीर यादव, बिजेन्द्र शर्मा, हर्षमणि नौटियाल, लक्ष्मण सिंह रावत, विजय सिंह चैहान, जय सिंह राणा, श्याम पाल यादव, आर एस मेंगवाल, धर्मेन्द्र मल्ल, देवेन्द्र लाल आर्य, मनोज ,खेतवाल, भगत सिंह आदि अनेक कर्मचारी मौजूद थे।