शिक्षकों पर गाज गिर गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार का फैसला पलट दिया है। जयराम सरकार ने पेश किए साल 2018-19 के बजट में प्राथमिक सहायक शिक्षकों को दिया कुछ नहीं लेकिन कांग्रेस सरकार का फैसला पलट दिया।
कांग्रेस सरकार के समय मिली मानदेय वृद्धि की रिकवरी करने के आदेश जारी कर दिए। सरकार ने अक्तूबर 2017 से जारी हुई तीन फीसदी मानदेय वृद्धि को वापस लेने के जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी किए हैं। शिमला और चंबा जिला के कई ब्लाकों के शिक्षकों पर जयराम सरकार की यह गाज गिरी है।
सत्ता पर काबिज होते ही जयराम सरकार ने पूर्व की कांग्रेस सरकार का अक्तूबर 2017 से वृद्धि देने का फैसला पलटा था। अब रिकवरी करने के नोटिस देकर शिक्षकों को दोहरा झटका दिया है।
कांग्रेस सरकार के समय सितंबर 2017 में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के स्कूलों में नियुक्त 3400 प्राथमिक सहायक शिक्षकों को वार्षिक मानदेय वृद्धि देने का फैसला लिया था। कैबिनेट ने पैट को 645 रुपये की मानदेय में बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस घोषणा से सरकार पर ढाई करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की बात कही गई थी।
कैबिनेट के इस फैसले के बाद जिला शिमला और जिला चंबा के कुछ ब्लाकों में पहली अक्तूबर से पैट को मानदेय वृद्धि दे दी गई। मानदेय वृद्धि देने की तारीख पर संशय होने से कुछ जिलों के उपनिदेशकों ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखकर वार्षिक वृद्धि देने की तारीख को स्पष्ट करने को कहा था। इन जिलों से अदायगी पर भी रोक लगा दी थी। उधर, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने स्पष्टीकरण के लिए मामला वित्त महकमे को भेजा था। इसी बीच प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लग गई।
नई सरकार बनने के बाद वित्त महकमे ने प्राथमिक सहायक शिक्षकों को मानदेय वृद्धि अक्तूबर 2018 से देने के आदेश दिए। वित्त महकमे का कहना है कि मानदेय वृद्धि की अधिसूचना जारी होने के एक साल बाद से यह फैसला लागू होगा। जिला शिमला और जिला चंबा में सैकड़ों शिक्षकों को बीते पांच माह के दौरान मानदेय वृद्धि दी जाती रही। अब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सरकार से स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद ऐसे शिक्षकों से पांच माह के दौरान दी गई वृद्धि को वापस लेने के आदेश जारी किए हैं। प्राथमिक सहायक शिक्षकों को प्रति माह 645 रुपये की वृद्धि दी गई। पांच माह तक दी गई यह राशि 3225 रुपये बनती है।