आदमखोर बाघ का पकडने की मांग को लेकर प्रर्दशन कर रही महिलाओं ने गौला खनिज निकासी गेट बंद किया।

Spread the love

बिंदुखत्ता (नैनीताल)। दो महीने के अंदर तीन लोगों की जान लेने वाले बाघ को पकड़ने की मांग को लेकर रविवार को महिलाएं सड़क पर उतर आईं। उन्होंने गौला नदी का उपखनिज निकासी गेट बंद कर दिया। तीन घंटे तक जोरदार विरोध, प्रदर्शन किया। मामला बिगड़ते देख विधायक नवीन दुम्का, तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ नीतीश मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तीन सप्ताह में समस्या के समाधान का भरोसा दिया। आदमखोर बाघ ने शनिवार को डौली रेंज में बौड़खत्ता निवासी लछिमा देवी को मार दिया था। इससे भड़की महिलाओं ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाकर रविवार को हंगामा कर दिया। करीब दो घंटे तक निकासी गेट बंद रहने से वन निगम अधिकारियों समेत ट्रांसपोर्टर भी परेशान हो गए। वहां पहुंचे विधायक, डीएफओ को ग्रामीणों ने खरीखोटी सुनाई। उनका कहना था कि दो महीने में बिंदुखत्ता क्षेत्र में बाघ ने तीन ग्रामीणों को मार दिया है। इसके बावजूद वन विभाग ने नरभक्षी बाघ को नहीं पकड़ा। आरोप लगाया कि अधिकारी ग्रामीणों को जंगल में न जाने की नसीहत दे रहे हैं जबकि आजीविका के लिए ग्रामीणों का जंगल में जाना मजबूरी है।
ग्रामीणों ने कहा कि बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। डीएफओ त्रिपाठी ने बताया कि मौके पर कैमरा ट्रैप लगाकर निगरानी की जा रही है। मौके से मिले बाल का नमूना लिया है। डीएनए टेस्ट के लिए उसे लैब में भेजा गया है। हमलावर जानवर की पहचान के बाद ही जरूरी कार्रवाई की जाएगी। विधायक दुम्का ने कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता कर आदमखोर बाघ को पकड़ने के लिए शासन स्तर से आदेश जारी करने का अनुरोध करेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से तीन सप्ताह का समय मांगा है। उधर विधायक दुम्का ने डीएफओ त्रिपाठी से सोमवार से एक गस्ती दल 24 घंटे जंगल में गस्त करने, पिंजरा लगाने के निर्देश भी दिए। इसके बाद महिलाएं शांत हुई। इस दौरान कोतवाल रविकुमार सैनी समेत कमला देवी, नंदी देवी, प्रेमा देवी, भागीरथी देवी, कमला मेहता, आशा देवी, पार्वती देवी, गंगा देवी, शांति देवी, शीला देवी, सरस्वती, गीता देवी, दीपा जोशी, पुष्पा देवी आदि मौजूद थीं। ग्रामीणों ने डीएफओ को ज्ञापन भी सौंपा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *