बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान बनाए गए डंपिंग जोन ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन रहे हैं। बनलेख के पास बनाए गए डंपिंग जोन में मलबा डालने से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। जिस वजह से बीते एक सप्ताह से ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीण लंबी दूरी तय कर गधेरे से पानी लाने को मजबूर हैं। उन्होंने शीघ्र समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
मौराड़ी ग्राम पंचायत के चार तोकों की 300 से अधिक की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। यह नौबत पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से आई है। ग्रामीण मुरलीधर, दुर्गादत्त, रमेश चंद्र, नवीन चंद्र, शिवदत्त, भवानी दत्त, खिलानंद, खीमा देवी ने बताया कि मौराड़ी ग्राम पंचायत के चार तोकों के लिए साल 2000 में तालम एकल पेयजल योजना का निर्माण हुआ था।
नून दूधाधारी खोला स्रोत से बनी छह किमी लंबी पेयजल योजना बारहमासी सड़क निर्माण के डंपिंग जोन के मलबे से एक सप्ताह पूर्व क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने बताया कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से तालम, कौला, द्वारलेख, लचोटा तोक के 60 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीण लंबी दूरी तय कर गधेरे के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र पेयजल लाइन दुरुस्त करने की मांग की है। ऐसा न करने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला का कहना है कि बारहमासी सड़क का निर्माण कार्य कराने वाली संबंधित कंपनी के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए जा रहे हैं।