एनएच-74 निर्माण में भूमि अधिग्रहण के नाम पर मिले मुआवजे पर की गई करोड़ों की मनी लांड्रिंग की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) विधिवत शुरू कर सकता है। ईडी की टीम एक महीने पहले ही रुद्रपुर पहुंचकर इस संबंध में जानकारी जुटाने के साथ होमवर्क पूरा कर चुकी है। पूरी तरह से जांच में शामिल होने के लिए ईडी को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल होने का इंतजार था। एसआईटी की ओर से 12 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने के बाद अब ईडी मनी लांड्रिंग के मामलों की जांच अपने स्तर पर शुरू कर मामले में नया मोड़ दे सकती है।
भूमि मुआवजा घोटाले में करोड़ों रुपयों की हेराफेरी करने वाले काश्तकार, बिचौलिये और अधिकारी अब दोहरी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। एसआईटी अब तक काशीपुर, जसपुर, सितारगंज और बाजपुर तहसील में हुए घोटाले में लिप्त 15 लोगों को जेल भेजने के साथ 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
जांच में मनी लांड्रिंग के मामले पकड़ में आने पर एसआईटी ने इन तहसीलों के 60 से अधिक काश्तकारों के बैंक खातों को फ्रीज भी कर दिया था। आरोप पत्र में भी एसआईटी ने मनी लांड्रिंग के मामलों को साक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया है। सितंबर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एसआईटी को पत्र भेजकर घोटाले की जांच रिपोर्ट मांगी थी। इसके आधार पर अक्तूबर में एसआईटी ने सहायक निदेशक भारत सरकार प्रवर्तन निदेशालय को बिंदुवार अपनी प्रथम रिपोर्ट प्रेषित की थी।
रिपोर्ट मिलने के बाद तीन जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय देहरादून से एक अधिकारी ने रुद्रपुर एसआईटी कार्यालय पहुंचकर करीब पांच घंटे तक मनी लांड्रिंग के कई मामलों की जानकारी जुटाई थी। इसके साथ ही एसएलओ कार्यालय से भी कई दस्तावेज लिए गए थे। शुक्रवार को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद अब ईडी भी जांच शुरू कर देगा। माना जा रहा है कि ईडी की जांच के बाद जहां काश्तकारों से रकम की वसूली की जा सकती है, वहीं घोटाले में शामिल कई अधिकारियों की बेनामी संपत्ति का भी खुलासा हो सकता है।
एफएसल रिपोर्ट में फंस सकते है चकबंदी अधिकारी
रुद्रपुर। बाजपुर तहसील की जांच के दौरान एसआईटी के सामने इस बात का खुलासा हुआ था तत्कालीन अफसरों ने चकबंदी अधिकारियों की ओर से तैयार की गई 143 रिपोर्ट को आधार बनाकर किसानों को करोड़ों का मुआवजा निर्धारण कर दिया था। मामले में एसआईटी ने उक्त तहसील के 62 लोगों के हस्ताक्षर मिलान के लिए एफएसल देहरादून भेजे हैं। इसमें कुछ चकबंदी अधिकारियों के हस्ताक्षर के नमूने भी शामिल हैं। एफएसल रिपोर्ट मिलते ही एसआईटी गलत रिपोर्ट बनाने वाले चकबंदी अधिकारियों की गिरफ्तारी शुरू कर सकती है।
आरोप पत्र के बाद कोर्ट में पेश किए दस्तावेज
रुद्रपुर। भूमि मुआवजा घोटाले में जेल भेजे गए 12 लोगों के खिलाफ शुक्रवार को आरोप पत्र दाखिल करने के बाद शनिवार को एसआईटी ने तहसीलों से कब्जे में लिए दस्तावेजों को भी कोर्ट में पेश कर दिया। उक्त दस्तावेजों में मिसलबंद रजिस्टर, नामांतरण बही, डाक बही और 143 की पत्रावलियों सहित करीब 100 रजिस्टर हैं।
इन्हीं दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद एसआईटी को घोटाले के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले थे। जांच पूरी होने के बाद एसआईटी द्वारा कब्जे में लिए गए उक्त सभी दस्तावेज अब कोर्ट के पास सुरक्षित रहेंगे। इनमें काशीपुर, जसपुर, सितारगंज और बाजपुर के दस्तावेज इसमें शामिल हैं।