14 फरवरी 2018 को महाशिवरात्रि है। हालांकि कुछ जगहों पर 13 फरवरी को भी महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। पंडित सुशांत राज से जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर कौन से शुभ योग बन रहे हैं और इस दिन राशियों के जातकों के क्या उपाय करने चाहिए।
इस बार शिवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र रहेगा, जिसका स्वामी चंद्र है। सूर्य भी शनि की राशि कुंभ में रहेगा। मंगल वृश्चिक राशि में रहेगा। चंद्रमा मकर राशि में है और ये शनि की राशि है। यह योग सभी के लिए अच्छा रहने वाला है। खासतौर पर मकर, कर्क, वालों के लिए भाग्योदय का समय रहेगा। धनु, मिथुन के लिए चिंताएं बढ़ सकती हैं। शेष राशियों के समय सामान्य रहेगा।
मेष-शिवरात्रि को कच्चा दूध एवं दही से शिवलिंग को स्नान कराएं एवं धतूरा अर्पण करें। कर्पूर से आरती करें।
वृषभ-शिवलिंग को ईख के रस से स्नान करवाकर मोगरे का इत्र लगाकर भोग लगाएं और आरती करें।
मिथुन-शिवरात्रि पर शिवलिंग अगर स्फटिक का हो तो श्रेष्ठ रहेगा। लाल गुलाल, कुमकुम, चंदन, इत्र से अभिषेक करें। आंकड़े के फूल अर्पित करें। मीठा भोग अर्पण कर आरती करें।
कर्क-शिवरात्रि पर अष्टगंध चंदन से अभिषेक करें। आटे से बनी रोटी का भोग लगाकर पूजा आरती करें।
सिंह-फलों के रस और शकर की चाशनी से अभिषेक करें। आंकड़े के फूल अर्पण कर मीठा भोग लगाएं।
कन्या-धतूरा, भांग, आंकड़ें के फूल चढ़ाएं, बिल्व पत्रों पर रखकर नैवेद्य अर्पित करें। कर्पूर मिले हुए जल से अभिषेक कराएं।
तुला-फूलों के जल से शिवलिंग को स्नान कराएं। बिल्व, मोगरा, गुलाब, चावल, चंदन चढ़ाएं। आरती करें।
वृश्चिक-शुद्ध जल से स्नान शिवलिंग को कराएं। शहद, घी से स्नान कराने बाद पुन: जल से स्नान कराएं और पूजा कर आरती करें।
धनु-चावल से श्रृंगार करें, सूखे मेवे का भोग लगाएं। बिल्व पत्र, गुलाब आदि से श्रंगार कर पूजन पश्चात आरती करें।
मकर-गेहूं से शिवलिंग को ढंककर विधिवत पूजन करें। इसके बाद उस गेहूं को गरीबों में दान कर दें।
कुंभ-सफेद-काले तिलों को मिलाकर किसी ऐसे शिवलिंग पर चढ़ाएं जो एकांत में हो। जल चढ़ाकर शिवलिंग को दोनों हाथों से रगड़ें और आरती करें।
मीन-रात्रि में पीपल के नीचे बैठकर शिवलिंग का पूजा करें। ऊँ नम: शिवाय का पैंतीस बार उच्चारण कर बिल्व पत्र चढ़ाएं और आरती करें।