कृषि ऋण वसूली पर भड़के सीमांत के किसान

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पिथौरागढ़। कृषि ऋण की वसूली के लिए दबाव बढ़ाए जाने से नाराज किसानों ने बुधवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि कृषि ऋण माफी का अपना वायदा पूरा नहीं करने वाली सरकार अब वसूली के नाम पर उनका उत्पीड़न कर रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसान संगठन की अगुवाई में प्रदर्शन करते हुए किसानों ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों के दौरान कृषि ऋण माफ करने का वायदा किया था। इस वायदे को पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी शामिल किया था। इस भरोसे पर गरीब किसानों ने खुलकर पार्टी का साथ दिया, लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा ने अपना वायदा भूला दिया। किसानों का ऋण तो माफ किया नहीं अब वसूली के लिए किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। ऋण जमा नहीं करने वाले किसानों को जेल भेजा जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की मार से खेती पहले ही चौपट है और किसान कर्ज के दलदल में फंसा हुआ है। किसानों ने वसूली के नाम पर उत्पीड़न बंद किए जाने की मांग करते हुए कहा कि किसानों को परेशान किया गया तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन करने वालों में शंकर राम कोहली, एपी धौनी, धर्म सिंह वल्दिया, जगदीश विश्वकर्मा, मनीराम, मोहनराम, केशवराम, हरीशराम, पूरनराम, नारायणराम, भुवन सिंह रावत, महेंद्र मनीराम आदि शामिल थे।

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