नई दिल्ली, एजेंसी। ऑनलाइन पोर्नोग्राफी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए जाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। कोलकाता की रहने वाली एक महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि पोर्नोग्राफी देखने की वजह से उनका पति पारिवारिक और उनकी निजी जरूरतों को लेकर पूरी तरीके से उदासीन हो गया है।
पति पोर्नोग्राफी की लत का शिकार
महिला ने कहा है कि उसका 35 वर्षीय पति पोर्नोग्राफी की लत का शिकार है। जिसकी वजह से वह उसकी रोज-रोज की जरुरतों का बिल्कुल ख्याल नहीं रखता। याचिकाकर्ता ने कहा है कि उसकी शादी चौपट होने के कगार पर है। दोनों के बीच तलाक के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका भी दायर की जा चुकी है।
नई पीढ़ी पर दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है
महिला ने अपने वकील कमलेश वासवानी के जरिए याचिका दायर कर कहा है कि वेबसाइट पर आसानी से पोर्नोग्राफी के उपलब्ध होने की वजह से इस देश के विकास में अवरोध उत्पन्न हो गया है। इसकी चपेट में आने से नई पीढ़ी पर दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है। इससे उनके नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों में गिरावट देखने को मिल रहा है। पोर्न वेबसाइट्स की वजह से यौन अपराधों में भी वृद्घि हो रही है।
पहले भी सुप्रीम कोर्ट दिशानिर्देश दे चुकी है
महिला ने सुप्रीम कोर्ट में एक और ऐसे मामले में चल रही सुनवाई में हस्तक्षेपकर्ता बनाने की मांग की है। वैसे सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई से पहले भी समय-समय पर कई बार इस मामले में दिशानिर्देश जारी करती रही है।