स्थाई राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग

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चमोली। देवाल के जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश की राजधानी जनभावना के अनुरूप गैरसैंण में बनाए जाने की मांग मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से की। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द राज्य की राजधानी पहाड़ में नहीं बनाई जाती है तो वो लोग राज्य निर्माण आंदोलन की तरह बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। देवाल के क्षेत्र प्रमुख उर्मिला बिष्ट, प्रधान संघ के अध्यक्ष पुष्कर सिंह फरस्वार्ण, कांग्रेस के प्रदेश सदस्य महाबीर बिष्ट, लाखन रावत, जेष्ठ प्रमुख हरेंद्र कोटेडी, कनिष्ठ प्रमुख मनोज कुमार, क्षेपंस पुष्पा नेगी, भवानी देवी, किशोर घुनियाल, प्रधान बीना देवी, खड़क राम ने प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को भेजे ज्ञापन में कहा है कि सैकड़ों आंदोलनकारियों की शहादत देने के बाद राज्य का निर्माण हुआ है, लेकिन आज तक जनभावना के अनुरूप राज्य की स्थाई राजधानी गैरसैंण नहीं बनने से पहाड़ के लोग अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। राज्य का दुर्भाग्य है कि अभी तक राज्य की स्थाई राजधानी नहीं बन पाई है। उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है, राज्य आंदोलन से पहले भी गैरसैंण को स्थाई राजधानी के नाम से लड़ाई लड़ी गई थी। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य बनने से पहाड़ में रहने वाले लोगों को कोई भी सुबिधाए नहीं मिली है। क्षेत्र से युवाओं का लगातार पलायन का सिलसिल जारी है। पहाड़ के गांव खाली होते जा रहे है। शिक्षा स्वास्थ्य, सड़क, बिजली की समस्या जस की तस है। पहाड़ के लोगों के सामने समस्याओं का पहाड़ खड़ा है। गैरसैंण स्थाई राजधानी बनने पर ही यहां का विकास हो सकता है।

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