जिलाधिकारी दीपक रावत का पर्स गायब हुआ तो मामला हाई प्रोफाइल हो गया। आला अधिकारी डीएमके पर्स ढूंढने में जुट गए। सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए।
आखिरकार आरोपी को पकड़ लिया गया। हालांकि अभी जितनी रकम पर्स में होने की बात कहीं जा रही है उतनी बरामद नहीं हुई है। आरोपी को पकड़कर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
घटना क्रम के अनुसार जिलाधिकारी दीपक रावत शुक्रवार की दोपहर को करीब साढ़े ग्यारह बजे मंगलोर क्षेत्र में बीडीसी की बैठक में शिरकत करने पहुंचे थे। यहां बैठक चल ही रही थी कि डीएम दीपक रावत आधा घंटे के बाद ही वहां से निकल गए लेकिन अपना पर्स टेबल पर भूल गए। जब डीएम हरिद्वार पहुंचे तो उन्हें याद आया कि उनके पास पर्स नहीं हैं। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
जानकारी मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया और ब्लॉक का कमरा खुलवाकर पर देखा तो वहां पर पर्स नहीं मिला। मामला जिलाधिकारी के पर्स चोरी होने से जुड़ा था इसलिएअधिकारियों ने उनके पर्स को खोजने में कोई कसर नहीं छोड़ी और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगालना शुरू कर दिए। आखिरकार कैमरे में वह शख्श नजर आ गया जो टेबल से धीरे से पर्स लेकर रफूचक्कर हो गया था। इसके बाद लोगों से आरोपी युवक के बारे में पूछताछ की गई तो पता चला कि वह टिकौला गांव का रहने वाला है। जिसके बाद पुलिस उसके घर पहुंची और उसे पकड़ कर ले आई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पर्स में 25 हजार 900 रुपये थे, जबकि युवक का कहना था कि उसे मात्र पांच हजार 900 रुपये ही मिले हैं। जिसके बाद आरोपी युवक को पुलिस पकड़ कर रुड़की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आवास पर ले आई। यहां युवक से पूछताछ की जा रहीहै। करीब तीन घंटे तक चले हाईप्रोफाइल ड्रामे के बीच अधिकारी भागते दौड़ते नजर आए और आखिरकार आरोपी युवक को पकड़ने में कामयाबी पा ली।