सौर ऊर्जा की क्षमता और लाभ के बारे में बताया 

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देहरादून,  आईसी इंडिया में ’सोलर एनर्जीः मिथ और टूªथ’ के विषय पर बातचीत सत्र का आयोजन किया गया। डाॅ. प्रवीन पाटिल व डाॅ. एन.पी. सिंह ने सत्र में सौर ऊर्जा पर बातचीत कर विचारों का आदान प्रदान किया। सत्र के दौरान डाॅ. एनपी सिंह ने सौर ऊर्जा की क्षमता, लाभ व इसके पीछे के तथ्यों को समझाया। उन्होंने सौर ऊर्जा के अपने पिछले प्रयोगों को उपस्थित लोगों के साथ साझा कर प्रदर्शित किया।
वर्तमान में ओएनजीसी देहरादून के डिप्टी जनरल मैनेजर के रूप में कार्यरत डाॅ. एनपी सिंह ने इस अवसर पर कहा कि, सौर ऊर्जा के लिए शुरू से ही गहरी रूचि रही है। सूर्य अनंत सौर ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है, इसलिए हमें यह अवश्य जानना चाहिए कि, इसका उपयोग कैसे करना है। उन्होंने कहा कि, भारत में आबादी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है लेकिन आज भी हमारे पास स्रोतों की कमी है। उन्होंने कहा कि, हमारे पास अन्य प्रकार के स्रोत भी हैं लेकिन कोयला एक ऐसा स्रोत है जो आज प्रदूषण का बड़ा कारण भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि, भारत में कोयले का सिर्फ 52 प्रतिशत प्राथमिक ऊर्जा में खपत होता है जबकि चीन में 75 प्रतिशत  की खपत होती है। उन्होंने उपस्थित लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि, हमें अपनी भावी पीढ़ियों के लिए अक्षय संसाधनों  के तरीके खोजने व उनको उत्पन्न कर की जरूरत है।  उन्होंने कार्बन उत्सर्जन, ग्रीन हाउस गैस, सोलर पैनल, सौर ऊर्जा के अनुप्रयोगों व ई-रिक्शा में सौर ऊर्जा के उपयोग के बारे में भी बातचीत की। डाॅ. एनपी सिंह ओएनजीसी देहरादून में 1985 से कार्यरत हैं। उन्होंने सौर ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों व सौर ऊर्जा अनुप्रयोगों में पीएचडी की है।
डाॅ. प्रवीन पाटिल को 2013 में विज्ञान व प्रोद्योगिकी विभाग नई दिल्ली में भारत सरकार द्वारायुवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डाॅ. पाटिल ने उपस्थित लोगों व छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि,  वर्तमान समय में कार्बन डाइआॅक्साइड का उत्सर्जन बड़ी चिंता का विषय बना है। पारंपरिक स्रोतों से ऊर्जा उत्पन्न होती है जिसमें सौर ऊर्जा, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। उन्होंने कहा कि, हमें इसे सहेजने और इसे सही तरीके से उपयोग करने की आवश्यकता है। डाॅ. प्रवीन ने इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी (आईआईटी) रूड़की से एम.टेक व पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने अन्य कई क्षेत्रों में भी शोध किये हैं, जिसमें मेक्ट्रोनिक्स आदि शामिल हैं। इस अवसर पर शहर के कई स्कूल व काॅलेजो के छात्र-छात्राएं व शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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