देहरादून : जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान का सख्त एक्शन: सुस्त अफसरों को चेतावनी, भंडारी बाग ओवरब्रिज अगस्त से पहले पूरा करने के निर्देश।

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देहरादून, 19 जून 2026। राजधानी देहरादून में विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया।

बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में देरी सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया तथा समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मोहब्बेवाला परियोजना में देरी पर नाराजगी

मोहब्बेवाला क्षेत्र में ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक एवं राइजिंग मेन बिछाने के कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जल संस्थान के संबंधित सहायक अभियंता (AE) को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्यों में सुधार नहीं हुआ तो वेतन रोकने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

दून एनक्लेव में नलकूप हेतु 15 दिन की समयसीमा

दून एनक्लेव एक्सटेंशन क्षेत्र में प्रस्तावित नलकूप निर्माण के लिए आवश्यक भूमि का चयन 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पेयजल संबंधी योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों को 30 जून तक पूरा करने के आदेश

जिले में स्वीकृत 51 रेन वाटर हार्वेस्टिंग परियोजनाओं में से केवल 22 कार्य पूर्ण होने पर जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी शेष कार्यों को 30 जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी स्थल का चयन अनुचित पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

भंडारी बाग ओवरब्रिज पर विशेष फोकस

शहर की यातायात व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण भंडारी बाग ओवरब्रिज निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को अगस्त 2026 से पूर्व परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से शहरवासियों को लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

₹218 करोड़ की परियोजनाओं पर मांगा स्पष्टीकरण

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत लगभग 218 करोड़ रुपये की लागत वाली लंबित परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने देरी के कारणों पर अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।

अंडरग्राउंड केबलिंग एवं सीवर कार्यों में समन्वय के निर्देश

शहर में पेयजल, सीवर एवं विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के लिए आवश्यक रोड कटिंग अनुमतियों में आ रही बाधाओं को दूर करने हेतु जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से विस्तृत सूची प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जनता को जाम एवं असुविधा से राहत दिलाने पर जोर दिया।

सीडीओ को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह को निर्देश दिए कि वे स्वयं विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जनता की अपेक्षा है कि प्रशासन की इस सख्ती से विकास कार्यों में तेजी आएगी और शहरवासियों को लंबे समय से चली आ रही यातायात, पेयजल एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलेगी।

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